UP News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने बाबर और बाबरी मस्जिद का समर्थन किया है, उन्हें राम जन्मभूमि और मंदिर से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
ओवैसी के बयान पर केशव मौर्य की प्रतिक्रिया
बताते चले कि, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि चाहे भक्तों का चढ़ावा हो, मंदिर निर्माण के लिए मिला दान हो या निर्माण कार्य से जुड़ा कोई विषय, उस पर टिप्पणी करने से पहले ओवैसी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ओवैसी में वास्तव में खुलकर बोलने का साहस है, तो उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े ज्ञानवापी विवाद और भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ईदगाह मामले जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखनी चाहिए, जिन पर न्यायिक प्रक्रिया चल रही है।
राम मंदिर चंदा विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
दरअसल, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा राम मंदिर चढ़ावा और चंदे से जुड़े आरोप उठाने पर कहा था कि यदि सपा विधायकों ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है तो वे उसकी रसीद सार्वजनिक करें। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया कि यदि यही नियम है तो इसे वक्फ बोर्डों पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी पर केशव मौर्य का निशाना
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा ने कभी भी लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। उनके अनुसार विपक्ष का दायित्व रचनात्मक भूमिका निभाने का होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी लगातार सदन की गरिमा को प्रभावित करने का प्रयास करती रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के व्यवहार पर जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुई हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायकों का आचरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा विधायकों ने सदन की अध्यक्षीय पीठ का सम्मान नहीं किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश के 25 करोड़ लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखने से रोकने का प्रयास किया।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सपा पर बड़ा राजनीतिक हमला
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव का जिक्र करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि जनता लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने वाली राजनीति को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी अपना रवैया नहीं बदलती है, तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उसे इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। मौर्य ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की जनता अपने मत के माध्यम से उचित निर्णय लेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगी।








