Madrasa Controversy: मदरसा बयान पर मचा बवाल, कपिल सिब्बल ने केशव मौर्य को घेरा

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मदरसा शिक्षा को लेकर दिए बयान पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इसे सांप्रदायिक टिप्पणी बताते हुए सवाल उठाए। विपक्षी दलों ने भी बीजेपी नेता के बयान की आलोचना की है। यूपी की सियासत में यह मुद्दा गरमा गया है।

Madrasa Controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 5, 2026

Madrasa Controversy: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। उनके बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अब वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी केशव मौर्य के बयान की आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक सोच से प्रेरित बताया है। केशव मौर्य ने हाल ही में मदरसा शिक्षा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के भीतर आतंकवादी जैसी सोच विकसित हो सकती है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने बीजेपी नेता पर निशाना साधा है।

कपिल सिब्बल ने केशव मौर्य के बयान को बताया सांप्रदायिक टिप्पणी

बताते चले कि, कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा को आतंकवाद से जोड़ना गलत और समाज को बांटने वाला बयान है। सिब्बल ने लिखा कि यूपी के डिप्टी सीएम का यह कहना कि मदरसा शिक्षा देशभक्ति को बढ़ावा नहीं देती और वहां पढ़ने वाले बच्चों की सोच आतंकवादियों जैसी हो जाती है, एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को लेकर ऐसी सोच रखी जा रही है, तो फिर राम मंदिर चंदा विवाद जैसे मामलों में सवालों के घेरे में आए लोगों को क्या कहा जाएगा? कपिल सिब्बल ने अपने पोस्ट में “क्या चंदा चोर देशभक्त होते हैं?” जैसा सवाल उठाकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

मदरसा शिक्षा और आतंकवाद पर केशव मौर्य के बयान से विवाद

दरअसल, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार (4 अगस्त) को विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मदरसा शिक्षा को लेकर टिप्पणी की थी। केशव मौर्य ने कहा था कि जिसे भी मदरसा शिक्षा मिलती है, उसके अंदर भारत माता की जय और वंदे मातरम को लेकर सोच अलग हो जाती है। उन्होंने दावा किया कि मदरसा शिक्षा लेने वाले व्यक्ति के भीतर आतंकवादी जैसी मानसिकता विकसित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मदरसा चाहे भारत का हो या किसी अन्य देश का, वहां से आतंकवादी सोच वाले लोग पैदा होते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और विपक्ष ने इसे समाज के एक वर्ग को निशाना बनाने वाला बयान बताया।

यूपी मदरसा विवाद पर विपक्ष ने बीजेपी को घेरा

केशव मौर्य के बयान के बाद समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला बोला। विपक्षी नेताओं ने कहा कि शिक्षा संस्थानों और वहां पढ़ने वाले बच्चों को किसी भी तरह से आतंकवाद से जोड़ना गलत है। विपक्ष का कहना है कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं और किसी भी समुदाय या शिक्षण संस्थान के खिलाफ ऐसी टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं है जो समाज में विभाजन पैदा करे।

केशव मौर्य के बयान पर बढ़ी राजनीतिक बहस

मदरसा शिक्षा को लेकर दिया गया केशव प्रसाद मौर्य का बयान अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। बीजेपी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां बीजेपी नेता इसे राष्ट्रवाद और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक आधार पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की सियासत में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल हर मुद्दे को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।