सुप्रीम कोर्ट की मध्य प्रदेश सरकार को फटकार, चंबल घड़ियाल सेंचुरी में जारी अवैध खनन पर सवाल

ग्वालियर  देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने चंबल घड़ियाल सेंचुरी में चल रहे बड़े पैमाने पर रेत के अवैध खनन और परिवहन मामले पर सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगायी है. अवैध रेत खनन को लेकर लगायी गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा की, राज्य सरकारों ने भले ही रेत खनन को रोकने के लिए प्रशासनिक सख्ती की हो, लेकिन अब भी रेत खनन की गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। रेत खनन से नुकसान पर चिंतित सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 28, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

ग्वालियर
 देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने चंबल घड़ियाल सेंचुरी में चल रहे बड़े पैमाने पर रेत के अवैध खनन और परिवहन मामले पर सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगायी है. अवैध रेत खनन को लेकर लगायी गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा की, राज्य सरकारों ने भले ही रेत खनन को रोकने के लिए प्रशासनिक सख्ती की हो, लेकिन अब भी रेत खनन की गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं।

रेत खनन से नुकसान पर चिंतित सर्वोच्च न्यायालय
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की स्वतः संज्ञान के तहत दायर सुओ मोटो रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कहा है कि, "नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अवैध खनन पर्यावरणीय अपराध ही नहीं, बल्कि जैव विविधता, दुर्लभ जलीय जीवों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे के लिए भी गंभीर खतरा है. ये सिर्फ जलीय जीवों तक नहीं बल्कि नेशनल हाईवे 44 पर स्थित चंबल पुल के लिए भी खतरा है. क्योंकि कोर्ट का मानना है की, नदी में लगातार रेत का खनन होने से नदी पर बने पुल की नीव और आसपास की स्टेब्लिटी पर भी इसका असर पड़ता है।

सरकार के हलफनामे पर खड़े हुए सवाल
चंबल घड़ियाल सेंचुरी में हो रहे अनियंत्रित अवैध रेत खनन को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर भी सर्वोच्च अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पूछा कि, इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, सुप्रीम कोर्ट के पहले सख्त आदेशों के बावजूद चंबल क्षेत्र में रेत का अवैध खनन जारी है. क्या सरकार ने इन पर ध्यान दिया? कोर्ट ने टिप्पणी की, अदालत की सख्ती के बाद रेत माफिया ने रास्ते जरूर बदल लिए हैं लेकिन रेत खनन और परिवहन की गतिविधियां अभी भी जारी हैं. हालांकि कोर्ट ने सख्त लहजे में मध्य प्रदेश सरकार से कहा कि, अगर मीडिया रिपोर्ट्स सही पायी जाती है तो इसका मतलब है राज्य सरकार द्वारा गलत हलफनामा दिया गया है. ऐसे में कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार तो एक ताजा हलफनामा दाखिल कर रिपोर्ट पर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार की कार्रवाइयों को बताया अपर्याप्त
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चंबल क्षेत्र में हो रहे रेत के अवैध खनन और परिवहन पर की जा रही कार्रवाइयों को अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि, अवैध परिवहन करने वाले बिना नंबर प्लेट या बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर जुर्माना या चालान काटना पर्यप्त कार्रवाई नहीं है, इस तरह की स्थिति में इन वाहनों को जब्त किया जाना चाहिए और साथ ही इन वाहन के मालिकों और फाइनैंसरों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए. कोर्ट ने ऐसे मामलों में वाहनों की जब्ती के साथ प्रॉसिक्यूशन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

SC के दखल के बाद चंबल में खनन पर लगाम!
आपको बता दें की, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में बड़े स्तर पर हो रहे अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मध्य प्रदेश की चंबल नदी से लगे मुरैना में इन दिनों लगातार अवैध खनन और परिवहन पर पुलिस वन और खनिज विभाग की कार्रवाइयां जारी हैं, यही वजह है कि पिछले लगभग डेढ़ महीने से मुरैना के चंबल नदी स्थित राजघाट पर जहां पहले खुलेआम रेत का अवैध खनन होता था अब लगभग पूरी तरह बंद है. साथ हीं प्रशासन अंदरूनी इलाकों में भी रेत माफिया पर लगातार कार्रवाइयां कर रहा है।

अब तक 25 करोड़ का अवैध भंडारण नष्ट, आधा सैकड़ा से ज़्यादा वाहन जब्त
मुरैना खनिज विभाग के मुताबिक "पिछले एक महीने में प्रशासन ने रेत माफिया द्वारा चंबल क्षेत्र में नदी से अवैध उत्खनन कर अलग अलग इलाकों खुले में डंप किया गए रेत के विनिष्टीकरण की अलग अलग कार्रवाइयां की हैं. जिनमें लगभग 1.25 लाख ट्रॉली रेत का विनिष्टीकरण किया गया जिसकी कुल कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये है. इन कार्रवाइयों में टीम ने 55 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली ट्रक, लोडर और हाइड्रा सहित अन्य वाहन जब्त किया है और उन पर मामले दर्ज किए हैं. इस दौरान पुलिस ने अवैध रेत भंडारण पर 12 मामले दर्ज किए हैं. इनके अलावा प्रशासन ने 60 से ज़्यादा वाहन स्टोन माफिया के भी जब्त किए हैं. साथ ही मुड़ाईं कलेक्टर द्वारा पेट्रोल पम्प संचालकों को भी निर्देशित किया है कि, बिना नंबरप्लेट के ट्रैक्टर ट्रॉली को ईंधन न दिया जाए।

2