कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं जाएंगी IIT गांधीनगर, शिक्षा में यूपी की नई छलांग

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यूपी की बेटियां अब केवल स्कूली चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों तक कदम बढ़ा रही हैं। इसी शानदार बदलाव की बानगी है— आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) के प्रतिष्ठित 'क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27' के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन। यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि बेटियों को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ने के सरकारी प्रयासों की बड़ी सफलता है। कौन और

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Published On :

जून 18, 2026

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यूपी की बेटियां अब केवल स्कूली चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों तक कदम बढ़ा रही हैं। इसी शानदार बदलाव की बानगी है— आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) के प्रतिष्ठित 'क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27' के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन। यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि बेटियों को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ने के सरकारी प्रयासों की बड़ी सफलता है।

कौन और कब जा रहा है IIT?
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 13 से 15 जुलाई 2026 तक आईआईटी गांधीनगर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1 (प्रयागराज) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी नगर पालिका (गाजियाबाद) की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रत्येक चयनित विद्यालय से दो होनहार छात्राएं और एक शिक्षिका उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

कड़ी मेहनत और शानदार आंकड़ों से तय हुआ चयन
इन विद्यालयों का चयन यूं ही नहीं हुआ है; यह साल भर की उनकी लगन का नतीजा है। आईआईटी गांधीनगर के 'सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग' (CCL) के अनुसार, पूरे वर्ष चले क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में इन स्कूलों का प्रदर्शन बेजोड़ रहा। प्रयागराज के विद्यालय ने 50 में से 46 सत्रों में हिस्सा लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई और 39 वर्कशीट जमा कीं। वहीं, गाजियाबाद के विद्यालय ने 50 में से 49 सत्रों में 98 प्रतिशत की शानदार उपस्थिति के साथ 42 वर्कशीट जमा कर यह विशेष स्थान हासिल किया है।

नवाचार और विज्ञान की नई दुनिया से होंगी रूबरू
आईआईटी गांधीनगर के इस प्रवास के दौरान इन छात्राओं को विज्ञान, गणित और नवाचार (Innovation) की दुनिया को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा। रचनात्मक अधिगम (Creative Learning) और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों के जरिए उनके भीतर का वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निखरेगा। ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों के लिए आईआईटी का शैक्षणिक माहौल और रिसर्च कल्चर भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

कस्तूरबा विद्यालय बन रहे सशक्तिकरण के केंद्र
यह बड़ी उपलब्धि योगी सरकार के उस विजन पर मुहर लगाती है, जिसमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 'बालिका सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्र' के रूप में विकसित किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षण, विज्ञान-गणित के विशेष कार्यक्रमों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव का ही यह असर है कि आज यूपी की बेटियां आत्मविश्वास से भरी हैं और भविष्य की वैज्ञानिक व शोधकर्ता बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।