Student Protest Parliament : छात्र आंदोलन पर सरकार चर्चा को तैयार, रिजिजू बोले- शाह को शांति से सुनें

छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर केंद्र सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर बोलते हैं, तो विपक्ष को उन्हें शांति से सुनना चाहिए। अब नजर इस बात पर है कि संसद में चर्चा कब शुरू होगी।

Student Protest Parliament

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 10, 2026

Student Protest Parliament :  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार संसद में छात्रों के प्रदर्शन और उससे जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने मीडिया और सदन के माध्यम से जानकारी दी कि देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संवेदनशील मामले पर संसद के पटल पर विस्तार से जवाब देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी शर्त रखी कि इसके लिए विपक्ष को पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ गृह मंत्री की बात को शांतिपूर्वक सुनना होगा।

गृह मंत्री अमित शाह देंगे हर सवाल का जवाब, विपक्ष से शांति की अपील

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जोर देकर कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे हर एक सवाल का सिलसिलेवार और ठोस जवाब दिया जाएगा। उन्होंने विपक्ष को आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है, लेकिन जब देश के गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित कर रहे हों, तो विपक्षी सांसदों को किसी भी तरह का हंगामा या व्यवधान पैदा नहीं करना चाहिए। सरकार ने साफ किया है कि दिल्ली या अन्य जगहों पर छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई के हर पहलू पर चर्चा करने के लिए वह पूरी तरह से तैयार बैठी है।

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में सरकार और विपक्ष का रुख

संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से यह बात रखी गई कि वह छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े तमाम विषयों पर सदन में बहस करने के लिए राजी है। दूसरी ओर, विपक्षी दल इस बात पर अड़े हुए हैं कि केवल छात्रों का मुद्दा ही नहीं, बल्कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर भी सदन के भीतर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।

सदन में पेश किए गए चार नए बिलों पर समय का आवंटन

संसद में सोमवार को पेश किए गए चार महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने के लिए सरकार की ओर से दो-दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन इन विधेयकों को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि इन चार में से कम से कम दो प्रमुख विधेयकों को गहन समीक्षा और जांच के लिए संबंधित संसदीय स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के पास भेजा जाना चाहिए, ताकि उन पर जल्दबाजी में कोई कानून न बने।

एफसीआरए (FCRA) और परिसीमन बिल पर बैठक में नहीं हुई कोई चर्चा

संसदीय समिति की इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान एफसीआरए (FCRA) और देश के बहुचर्चित परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल को लेकर किसी भी प्रकार की कोई चर्चा नहीं की गई। इन मुद्दों पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। गौरतलब है कि संसद के इस मानसून सत्र में विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है और सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने का प्रयास कर रहा है, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।

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