Ayodhya Ramlila: दुनियाभर में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध ‘अयोध्या की रामलीला’ इस वर्ष एक नए और अनूठे स्वरूप में दर्शकों के सामने आने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल इस धार्मिक और सांस्कृतिक महाकुंभ का आयोजन उत्तर प्रदेश के बजाय देश की राजधानी नई दिल्ली में होने जा रहा है। रामलीला को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इस बार इसमें कई बड़े नाम और सेलिब्रिटी अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।
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दिल्ली के मावलंकर हॉल में होगा भव्य आयोजन

इस वर्ष विश्वप्रसिद्ध अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर हॉल में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस मंचन को बेहद भव्य और आकर्षक बनाने के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। त्रेतायुग के माहौल को जीवंत करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भव्य सेट, अत्याधुनिक तकनीक और विशाल एलईडी स्क्रीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। रामलीला के इस मंचन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 120 फीट लंबी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे दर्शक हर एक दृश्य का सूक्ष्म और स्पष्ट आनंद उठा सकें।
केजिया लिज मेजो माता सीता और रवि किशन बनेंगे प्रभु श्रीराम

इस रामलीला का सबसे बड़ा आकर्षण इसके मुख्य कलाकार होंगे। मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज मेजो (Kezia Liz Mejoe) इस वर्ष माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। उनकी यह धार्मिक मंचन में एक नई शुरुआत होगी। वहीं, लोकप्रिय अभिनेता और सांसद रवि किशन प्रभु श्रीराम के किरदार में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, भारतीय सिनेमा और राजनीति के कई अन्य दिग्गज कलाकार भी विभिन्न पौराणिक पात्रों को जीवंत करते हुए नजर आएंगे:
रजा मुराद: लंकापति रावण की भूमिका में।
बिंदु दारा सिंह: महाबली कुंभकर्ण के किरदार में।
अवतार गिल: मेघनाद की भूमिका निभाएंगे।
पुनीत इस्सर: महर्षि परशुराम के रूप में नजर आएंगे।
मनोज तिवारी और अरुण बख्शी: अन्य प्रमुख और महत्वपूर्ण भूमिकाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
80 से अधिक चैनलों पर 40 भाषाओं में होगा प्रसारण
रामलीला के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक (बॉबी मलिक) ने जानकारी दी कि पिछले सात वर्षों से लगातार अयोध्या की पावन धरती पर इस रामलीला का भव्य आयोजन किया जा रहा था। पिछले वर्ष इस आयोजन को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों के जरिए दुनिया भर के लगभग 62 करोड़ दर्शकों ने देखा था।
इस बार इसके प्रचार-प्रसार और भव्यता को और व्यापक स्तर पर ले जाया जा रहा है। इस वर्ष रामलीला का सीधा प्रसारण 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों पर 40 विभिन्न भाषाओं में किया जाएगा। इससे दुनिया के 60 से अधिक देशों तक रामभक्ति और भारतीय संस्कृति का संदेश पहुँचेगा।
आगामी योजनाओं का ऐलान
संस्थापक सुभाष मलिक ने यह भी घोषणा की है कि दिल्ली के इस आयोजन के बाद, आगामी वर्ष में अयोध्या में रामलीला का नवां संस्करण 15 जनवरी से 25 जनवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। इस पूरे आयोजन को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँचाने में महासचिव शुभम मलिक और उपाध्यक्ष जतिन मलिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस महाआयोजन से न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति का प्रसार भी होगा।
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