
SSR 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, सटीक और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटने न पाए, जिसमें विशेष तौर पर देश के युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नए मतदाताओं पर फोकस किया जाएगा।
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किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगी यह प्रक्रिया?

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, यह विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) अभियान कुल छह प्रमुख क्षेत्रों में चलाया जाएगा। इनमें निम्नलिखित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं:
अरुणाचल प्रदेश
चंडीगढ़
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
मिजोरम
ओडिशा
सिक्किम
इन क्षेत्रों के प्रशासनिक तंत्र को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू और त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराएं।
युवाओं और नए मतदाताओं पर विशेष फोकस
इस बार के रिवीजन कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उन युवाओं को भी अग्रिम रूप से आवेदन करने की सुविधा दी गई है जो भविष्य में पात्रता की आयु पूरी करने वाले हैं। इसके तहत वे नागरिक भी अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए पहले से आवेदन कर सकेंगे जो आगामी 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे और देश के जिम्मेदार मतदाता बन जाएंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां और चुनाव आयोग का पूरा शेड्यूल
मतदाता सूची पुनरीक्षण की इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिसका पूरा शेड्यूल इस प्रकार है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का मसौदा (Draft Voter List) आगामी 30 नवंबर को सार्वजनिक किया जाएगा, जिस पर आम जनता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेगी। सभी आपत्तियों के निपटारे और जरूरी संशोधनों के बाद, इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) 21 जनवरी 2027 को आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी।
आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर पर्याप्त मानव संसाधन और प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करें।
एसआईआर (SIR) के तीसरे चरण के बाद आया यह फैसला

निर्वाचन आयोग की यह नई घोषणा इसी साल मई महीने में शुरू किए गए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तीसरे चरण के कुछ महीनों बाद सामने आई है।
एसआईआर के तीसरे चरण में कुल 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश (जिनमें दिल्ली, चंडीगढ़, और दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव भी शामिल थे) शामिल किए गए थे। उस चरण का मुख्य उद्देश्य लगभग 36.7 करोड़ मतदाताओं की पात्रता की बारीकी से जांच करना था। आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सावधानी से कई चरणों में विभाजित किया है, ताकि वर्ष 2027 के संभावित चुनावी कार्यक्रमों और जनगणना की तैयारियों के बीच जमीनी स्तर के प्रशासनिक कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव न पड़े और कार्य सुगमता से पूरा हो सके।
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