Nagpur Airport Passenger Death: स्पाइसजेट विमान में यात्री की हार्ट अटैक से मौत! नागपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रियों का भारी हंगामा

गोरखपुर से मुंबई जा रहे स्पाइसजेट विमान में 60 वर्षीय यात्री की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिसके बाद नागपुर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस दुखद घटना के बाद विमान में सवार 162 यात्री करीब 3 घंटे तक अंदर फंसे रहे। बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज यात्रियों ने एयरलाइंस प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Nagpur Airport Passenger Death: गोरखपुर से मुंबई जा रहे स्पाइसजेट के विमान (SG-555) में उस समय मातम छा गया, जब एक 60 वर्षीय यात्री की उड़ान के दौरान ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गोरखपुर निवासी सुमन कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी और बेटी के साथ सफर कर रहे थे। सफर शुरू होने के कुछ ही देर बाद सुमन कुमार की हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से तबीयत अचानक बिगड़ गई। विमान के क्रू मेंबर्स ने उन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उनकी स्थिति नाजुक बनी रही। गंभीर मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए पायलट ने तत्काल नागपुर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क साधा और विमान को बीच रास्ते में उतारने का निर्णय लिया।

नागपुर एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग

बताते चले कि, पायलट की सूझबूझ से रात करीब 10 बजे विमान को नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित उतारा गया। लैंडिंग के वक्त रनवे पर डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस पहले से तैनात थी। जैसे ही मेडिकल टीम विमान के भीतर पहुंची और सुमन कुमार चौधरी की जांच की, उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए शव को नागपुर के शासकीय मेडिकल अस्पताल (GMC) भेज दिया गया। अचानक हुई इस मौत से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और विमान का वातावरण गमगीन हो गया।

यात्रियों का फूटा गुस्सा

विमान के डायवर्ट होने और इस आकस्मिक दुखद प्रकरण के बीच, फ्लाइट में सवार अन्य 162 यात्रियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय तक विमान को नागपुर ले जाने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। लैंडिंग के बाद मुसाफिरों को लगभग तीन घंटे तक एयरक्राफ्ट के भीतर ही रखा गया। भीषण गर्मी और घुटन के बीच, यात्रियों को पीने का पानी और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई गईं। एयरलाइंस प्रबंधन की इस कथित लापरवाही और खराब सर्विस से यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया।

एयरलाइंस प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी

विमान के भीतर बुनियादी सुविधाओं की कमी और देरी से आक्रोशित यात्रियों ने स्पाइसजेट प्रबंधन के विरुद्ध जमकर मोर्चा खोल दिया। भूखे-प्यासे मुसाफिरों ने विमान के अंदर ही नारेबाजी शुरू कर दी और अपना कड़ा संताप व्यक्त किया। यात्रियों का कहना था कि मेडिकल इमरजेंसी एक अलग मुद्दा है, लेकिन शेष यात्रियों के प्रति एयरलाइंस की संवेदनहीनता असहनीय थी। घंटों चले इस सियापा और विरोध के बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। इस पूरी घटना ने एक बार फिर उड़ानों के दौरान मिलने वाली इमरजेंसी सेवाओं और यात्री सुविधाओं पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।