SP MLA Alam Badi : समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक आलम बदी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। 95 वर्षीय आलम बदी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में जारी था। चिकित्सकीय देखरेख के बाद उन्हें कुछ दिन पहले अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। बुधवार को उन्होंने अपने आजमगढ़ स्थित आवास पर अंतिम सांस ली।
चार दिन पहले अस्पताल से हुए थे डिस्चार्ज
जानकारी के अनुसार, आलम बदी का लंबे समय तक लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उपचार चला। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें चार दिन पहले अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। पिछले सोमवार को उन्हें आजमगढ़ स्थित उनके आवास लाया गया, जहां परिवार की देखरेख में उनका इलाज और स्वास्थ्य निगरानी जारी थी। हालांकि, उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनकी हालत फिर बिगड़ गई और अंततः उनका निधन हो गया।
निधन की खबर से समर्थकों और नेताओं में शोक
आलम बदी के निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी, समाजवादी पार्टी के विधायक नफीस अहमद, उनके पुत्र मुस्तजाब आलम, गुड्डू जमाली के प्रतिनिधि अब्दुल्लाह शेख सहित कई प्रमुख लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल बना हुआ है।
निजामाबाद सीट से पांच बार बने विधायक
आलम बदी का राजनीतिक जीवन बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा। उन्होंने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। पहली बार वर्ष 1996 में उन्होंने इस सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद 1996 से 2007 तक लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
हालांकि वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने राजनीतिक सक्रियता नहीं छोड़ी। वर्ष 2012 में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए फिर से जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार जीत हासिल की और पांचवीं बार विधायक चुने गए। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क को उनकी लगातार चुनावी सफलताओं का प्रमुख कारण माना जाता है।
जनसेवा और सादगी के लिए थे प्रसिद्ध
राजनीतिक जीवन के दौरान आलम बदी अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जनता से जुड़े रहने के लिए जाने जाते थे। स्थानीय मुद्दों को विधानसभा में उठाने और क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे। लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम किया।
आज होगी जनाजे की नमाज
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आलम बदी की जनाजे की नमाज शाम 4 बजे जामियातुर रशाद में अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समर्थकों और आम लोगों के शामिल होने की संभावना है।
अखिलेश यादव ने जताया गहरा शोक
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आलम बदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए लिखा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
आलम बदी का निधन समाजवादी पार्टी और उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, जनसेवा और क्षेत्र में मजबूत जनाधार को हमेशा याद किया जाएगा।
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