Diwali Pollution: पटाखों पर सोनी राजदान का बड़ा बयान, बच्चों की सेहत को लेकर क्यों जताई चिंता?

दिवाली से पहले पटाखों और प्रदूषण को लेकर बहस तेज हो गई है। अभिनेत्री सोनी राजदान ने बच्चों की सेहत का हवाला देते हुए पटाखे नहीं जलाने की अपील की है। वहीं, दीया मिर्जा के जागरूकता वीडियो पर विवाद और दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने चर्चा बढ़ा दी है।

Diwali Pollution

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 4, 2026

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Diwali Pollution: दिवाली से पहले पटाखे जलाने और वायु प्रदूषण को लेकर बहस तेज हो गई है। इस बीच अभिनेत्री सोनी राजदान ने पटाखे जलाने वालों से खास अपील की है। आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने बच्चों की सेहत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब छोटे बच्चे पहले से ही प्रदूषित हवा की वजह से परेशान हैं, तो ऐसे में दिवाली पर पटाखे जलाना कैसे सही हो सकता है? उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार की खुशियों के बीच बच्चों और परिवार की सेहत को नजरअंदाज न करें। वहीं, अभिनेत्री दीया मिर्जा के पटाखा विरोधी अभियान को लेकर भी विवाद सामने आया है। दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीमित समय के लिए छूट दी है।

दिवाली पर पटाखे जलाने के खिलाफ सोनी राजदान का बड़ा बयान

अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के माता-पिता अच्छी तरह जानते हैं कि खराब हवा की वजह से उनके बच्चों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।सोनी के मुताबिक, प्रदूषण के कारण बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं। इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है और कई बार उन्हें स्कूल तक छोड़ना पड़ता है। ऐसे में दिवाली पर एक भी पटाखा जलाना सही नहीं ठहराया जा सकता।

दिवाली पर पटाखे जलाने के खिलाफ सोनी राजदान का बड़ा बयान

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर कोई उनसे कहता है कि इस दिवाली एक भी पटाखा जलाना बिल्कुल ठीक है, तो उनकी नजर में यह जीवन, सेहत और देशहित के खिलाफ है।

सोनी राजदान ने बच्चों की सेहत को लेकर लोगों से की अपील

सोनी राजदान ने बच्चों की सेहत को लेकर लोगों से की अपील

सोनी राजदान ने लोगों से कहा कि दिवाली पर पटाखे जलाने से पहले अपने और अपने बच्चों की सेहत के बारे में जरूर सोचें। उनका मानना है कि हम अपनी जिंदगी में जो फैसले लेते हैं, उनका असर सिर्फ हम पर नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।उन्होंने प्रदूषण को लेकर लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। सोनी का कहना है कि त्योहार मनाने के साथ-साथ यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि हमारी खुशियों की वजह से दूसरों की सेहत को नुकसान न पहुंचे।

दीया मिर्जा के पटाखा विरोधी वीडियो पर भी हुआ विवाद

पटाखों से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ अभिनेत्री दीया मिर्जा भी लोगों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के एक जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया था। इस वीडियो में दीया ने लोगों से पटाखों की वजह से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की अपील की थी।हालांकि, इस अभियान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े और कुछ बीजेपी नेताओं ने बीएमसी के अभियान में दीया मिर्जा को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद बीएमसी ने सोशल मीडिया से वीडियो हटा दिया।

मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया। अदालत ने वीडियो हटाए जाने पर नाराजगी जताई और उसे दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया।

दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीमित राहत दी है। अदालत के आदेश के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को तय समय के दौरान ही प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।

दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

इसके लिए सुबह 6 बजे से 7 बजे और रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय तय किया गया है। यानी इन दो दिनों के अलावा निर्धारित समय के बाहर पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा।

दिल्ली की हवा हुई बेहद खराब, AQI 629 तक पहुंचा

दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 4 नवंबर की सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 629 दर्ज किया गया। यह ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। ऐसे में लोगों को सांस लेने में परेशानी और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ सकता है।वहीं, मुंबई में AQI 178 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। दोनों शहरों के प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल और लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से परेशान लोगों को प्रदूषण से बचने की सलाह दी जा रही है।

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