
Amul Price Hike: दिवाली से पहले आम लोगों की जेब पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। देश के बड़े डेयरी ब्रांड अमूल ने घी और मक्खन की कीमतें बढ़ा दी हैं। एक किलो घी का डिब्बा अब 680 रुपये में मिलेगा, जबकि मक्खन के दाम भी बढ़ गए हैं। त्योहार पर मिठाई और पकवान बनाने का खर्च अब बढ़ना तय है।
दिवाली से पहले अमूल ने बढ़ाए घी के दाम
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही घरों में मिठाई और पकवान बनाने की तैयारी भी तेज हो जाती है। ऐसे में अमूल के घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) की ओर से बेचे जाने वाले इन उत्पादों के नए दाम लागू हो गए हैं।

नई कीमतों के मुताबिक, अमूल के एक किलो घी के डिब्बे के लिए अब ग्राहकों को 680 रुपये खर्च करने होंगे। पहले इसकी कीमत 630 रुपये थी। यानी सीधे 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 500 ग्राम प्योर घी की थैली भी 325 रुपये से बढ़कर 345 रुपये की हो गई है।
अमूल मक्खन भी हुआ महंगा
सिर्फ घी ही नहीं, अमूल ने मक्खन के दाम भी बढ़ा दिए हैं। अब 100 ग्राम मक्खन का पैकेट 66 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 63 रुपये थी।वहीं, 500 ग्राम मक्खन के पैकेट पर 15 रुपये बढ़ाए गए हैं। अब ग्राहकों को इसके लिए 325 रुपये चुकाने होंगे। यानी दिवाली पर घर में मिठाई बनाने से लेकर रोजाना खाने में मक्खन इस्तेमाल करने तक, हर जगह लोगों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
अमूल के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी घी की अलग-अलग किस्मों की कीमतें सामने आ रही हैं। यहां गाय का घी 740 रुपये प्रति लीटर, सागर घी 710 रुपये और भैंस का घी 720 रुपये प्रति लीटर सूचीबद्ध है। हालांकि, प्योर घी और कुछ कॉम्बो पैकेट फिलहाल ऑनलाइन उपलब्ध नहीं दिख रहे हैं।
अमूल घी की कीमत बढ़ने के साथ सप्लाई की भी परेशानी

घी की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ इसकी उपलब्धता भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। गुजरात के वडोदरा और अहमदाबाद के दुकानदारों का कहना है कि गणेश उत्सव के बाद से अमूल गाय के घी की सप्लाई कम हो गई है।दुकानदारों को जितने माल की जरूरत है, उसका छोटा हिस्सा ही मिल पा रहा है। यही परेशानी पुणे, कोलकाता और जम्मू-कश्मीर जैसे इलाकों में भी सामने आई है। इससे बाजार में घी की मांग और सप्लाई के बीच अंतर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
नकली घी के खिलाफ कार्रवाई से बढ़ी असली घी की मांग
घी की कमी के पीछे एक बड़ी वजह मिलावटी घी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी माना जा रहा है। गुजरात और राजस्थान में पिछले छह महीनों के दौरान करीब दो लाख किलो नकली घी जब्त किया गया है।मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बाद लोग अब पैक्ड और भरोसेमंद ब्रांड के घी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऐसे में अमूल जैसे बड़े ब्रांड की मांग बढ़ गई है।
त्योहारों के दौरान घी की खपत भी काफी बढ़ जाती है। बताया जाता है कि सालभर में इस्तेमाल होने वाले कुल घी का करीब 45 फीसदी हिस्सा त्योहारी सीजन में ही खपत होता है। मिठाई, नमकीन और दूसरे पकवान बनाने के लिए घी की मांग बढ़ने से सप्लाई पर दबाव पड़ रहा है।
GST घटने के बाद सस्ता हुआ था अमूल घी

अमूल ने इससे पहले पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद अपने कई उत्पादों की कीमतें घटाई थीं। उस समय डेयरी उत्पादों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया था।इसके बाद कंपनी ने अपने 700 से ज्यादा उत्पादों के दाम कम किए थे। एक लीटर घी की कीमत 650 रुपये से घटाकर 610 रुपये कर दी गई थी। वहीं, 100 ग्राम मक्खन का पैकेट भी 62 रुपये से घटकर 58 रुपये का हो गया था।हालांकि, अब घी और मक्खन की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी ने ग्राहकों को मिलने वाली राहत को काफी हद तक खत्म कर दिया है।
दिवाली पर मिठाई बनाना पड़ेगा महंगा
दिवाली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले घी और मक्खन महंगा होने से घरों का रसोई बजट प्रभावित होना तय है। खासकर उन परिवारों पर ज्यादा असर पड़ेगा, जो त्योहार पर घर में मिठाइयां और पकवान बनाते हैं।फिलहाल गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई की कमी को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब ग्राहकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में घी और मक्खन की सप्लाई सामान्य होती है या कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिलती है।











