Sonam Wangchuk Update:पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों को लेकर मुखर रहने वाले सोनम बांगचुक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। कई दिनों कर इलाज कराने के बाद अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी और आंदोलन के दौरान साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत में काफी सुधार है, वे सामान्य रूप से भोजन कर रहे हैं और शरीर में पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा महसूस कर रहे हैं। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद उनका पहला पड़ाव घर नहीं, बल्कि राजघाट होगा।
Sonam Wangchuk News: मेदांता अस्पताल की सुरक्षा पर पत्नी गीतांजलि नाराज, पूछा- ICU तक पुलिस क्यों?
घर जाने से पहले करेंगे राजघाट का दौरा
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह सबसे पहले महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अहिंसा और सत्याग्रह के प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तब भी सबसे पहले राजघाट जाकर बापू को नमन किया था और उसके बाद ही जंतर-मंतर पहुंचे थे। अब आंदोलन समाप्त होने के बाद भी वह उसी परंपरा का पालन करते हुए राजघाट जाएंगे।
समर्थकों को कहा धन्यवाद
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आंदोलन के दौरान उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों ने उनकी आवाज़ को मजबूती दी और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग, विश्वास और समर्थन ने उन्हें लगातार प्रेरित किया। उन्होंने सभी समर्थकों को धन्यवाद देते हुए देशहित में एकजुट रहने की अपील भी की।
लंबे समय तक रहे अनशन पर
सोनम वांगचुक छात्र आंदोलन के समर्थन में 28 जून को जंतर-मंतर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लंबा अनशन शुरू किया, जो लगभग 26 दिनों तक चला। लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया गया और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
इलाज को लेकर भी हुई थी चर्चा
अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। उस समय सोनम वांगचुक ने कहा था कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उन्हें स्वतंत्र रूप से रहने की अनुमति नहीं मिल रही हो। बाद में न्यायिक हस्तक्षेप के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनकी सेहत में लगातार सुधार दर्ज किया गया।
आंदोलन के बाद बदला राजनीतिक घटनाक्रम
जिस छात्र आंदोलन का सोनम वांगचुक समर्थन कर रहे थे, वह कई दिनों तक चर्चा का विषय बना रहा। आंदोलन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठाईं। बाद में केंद्रीय स्तर पर राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव देखने को मिला और शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई। इन घटनाओं के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। अब सोनम वांगचुक ने भी स्वास्थ्य लाभ के बाद सामान्य जीवन में लौटने की तैयारी शुरू कर दी है।
Sonam Wangchuk Wife: ‘एक दिन की संवेदना तो दीजिए’, गीतांजलि आंगमो का भावुक बयान
स्वास्थ्य लाभ के साथ नई शुरुआत
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पूरी तरह स्वस्थ होना है। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास और समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वह घर लौटेंगे और आगे की योजनाओं पर विचार करेंगे।










