Sonam Wangchuk News: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक फिलहाल गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। लंबी भूख हड़ताल के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हालांकि उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार लगातार चल रहा है। इस बीच अस्पताल से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है।
पत्नी गीतांजिल अंगमो ने सोशल मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजिल अंगमो ने सोशल मीडिया पर अस्पताल की एक तस्वीर साझा करते हुए पुलिस व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल से लेकर मेदांता अस्पताल तक वांगचुक के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उनके अनुसार, केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि वांगचुक से मिलने आने वाले लोगों की आवाजाही पर भी पुलिस का नियंत्रण है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
अस्पताल के कई हिस्सों में पुलिस तैनाती का दावा
गीतांजिल अंगमो ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, लिफ्ट और आईसीयू वार्ड के बाहर पुलिसकर्मी लगातार तैनात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक से कौन मिल सकता है और किसे मिलने की अनुमति नहीं होगी, इसका निर्णय भी पुलिस द्वारा लिया जा रहा है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि मुलाकात करने वाले लोगों पर भी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस या संबंधित प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अदालत के आदेश का हवाला देते हुए उठाए कानूनी सवाल
अपनी पोस्ट में गीतांजिल अंगमो ने न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अदालत पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सोनम वांगचुक किसी प्रकार की हिरासत में नहीं हैं, तो फिर पुलिस किस कानूनी अधिकार के तहत लोगों की मुलाकात को नियंत्रित कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है या फिर नागरिकों की गतिविधियों को नियंत्रित करना भी उसकी भूमिका का हिस्सा है। उन्होंने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न बताते हुए सभी नागरिकों से इस पर विचार करने की अपील की।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया अनशन
गुरुवार देर रात सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने यह निर्णय लिया। वांगचुक के अनुसार, सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है, जिसके बाद उन्होंने अनशन तोड़ने पर सहमति जताई। लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनका स्वास्थ्य प्रभावित हुआ था, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा है।फिलहाल उनका इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है तथा अब सभी की नजर प्रशासन की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।








