SIR News: ‘जिगर’ के साथ वोटरों का सहयोग जरूरी, CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया दूसरे देशों का रुख

SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए सिर्फ आयोग का ‘जिगर’ काफी नहीं, मतदाताओं का सहयोग भी जरूरी है। CEC के मुताबिक कुछ देश अपने यहां SIR कराना चाहते हैं और दूसरे भारत की प्रक्रिया से सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 25, 2026

SIR News : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को लखनऊ में अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव आयोग की इच्छाशक्ति से SIR जैसी बड़ी प्रक्रिया सफल नहीं हो सकती। इसके लिए मतदाताओं का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। कुमार के मुताबिक, पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने सहयोग किया, जिसकी वजह से प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

दूसरे देश भी भारत की चुनाव प्रक्रिया में ले रहे रुचि

CEC ज्ञानेश कुमार ने दावा किया कि SIR के दौरान मिले व्यापक जनसहयोग और प्रक्रिया की सफलता को दूसरे देश भी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई देश भारत की चुनाव प्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को समझने में रुचि दिखा रहे हैं। कुछ देश अपने यहां भी ऐसी प्रक्रिया लागू करने की इच्छा जता चुके हैं, जबकि कुछ ने भविष्य में SIR कराने का संकल्प व्यक्त किया है।

ट्रंप के बयान का भी किया जिक्र

ज्ञानेश कुमार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी संदर्भ दिया, जिसमें उन्होंने भारत की चुनाव प्रक्रिया और SIR की सराहना की थी। ट्रंप ने अमेरिका में मतदान के लिए फोटोयुक्त पहचान दस्तावेज की जरूरत पर जोर दिया था। CEC ने कहा कि भारत में अपनाई जा रही चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और रुचि बढ़ना महत्वपूर्ण है।

छात्रों को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देने की तैयारी

CEC ने बताया कि उत्तर प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और चुनाव में पारदर्शिता के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार मतदाता के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।

लखनऊ से पुराना रिश्ता, BLO को बताया लोकतंत्र की नींव

दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे ज्ञानेश कुमार ने कहा कि शहर से उनका पुराना संबंध रहा है। उन्होंने यहां से उच्च शिक्षा हासिल की थी। लंबे समय बाद लखनऊ लौटने पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं और चुनावी अधिकारियों से संवाद करने की बात कही। उन्होंने विशेष रूप से बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये अधिकारी लोकतंत्र की जमीनी व्यवस्था की नींव हैं।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले तैयारियां तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की गतिविधियां और तैयारियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। लखनऊ पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ज्ञानेश कुमार की अगवानी की। अपने दौरे के दौरान CEC विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ चुनावी तैयारियों से जुड़े अधिकारियों से भी संवाद करेंगे।

विद्यार्थियों से संवाद और ELC 2.0 सम्मेलन

ज्ञानेश कुमार का कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत का कार्यक्रम भी निर्धारित है। इसी संस्थान से उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की थी। इसके बाद वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चुनावी साक्षरता क्लब यानी ELC 2.0 और निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म ECI-Net से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

500 BLO अधिकारियों से करेंगे बातचीत

CEC मंगलवार को लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों से संवाद करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। BLO मतदाताओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को जमीन पर लागू करते हैं, इसलिए आगामी चुनावों से पहले उनके साथ संवाद को अहम माना जा रहा है।

मेरठ और वाराणसी में भी होंगे कार्यक्रम

चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए शुरू किए गए ELC कार्यक्रम को अब ELC 2.0 के रूप में नया स्वरूप दिया जा रहा है। यह पहल 2018 में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता यानी SVEEP के तहत शुरू हुई थी। नए स्वरूप में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पूरे वर्ष अनुभव आधारित और डिजिटल माध्यमों से चुनावी जागरूकता गतिविधियां चलाने की योजना है। ELC 2.0 और ECI-Net से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन आगे मेरठ और वाराणसी में भी आयोजित किए जाएंगे।

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