Siddharthnagar Bulldozer: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरा रामलाल में मंगलवार सुबह प्रशासन ने खेल मैदान की जमीन पर किए गए कथित अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर हटाया। कार्रवाई के दौरान मैदान की जमीन पर बने मकतब, मदरसे और मस्जिद के कुछ हिस्सों को भी ध्वस्त किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
सिद्धार्थनगर में बुलडोजर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब छह बजे प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ पिपरा रामलाल गांव पहुंची। अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर छह जेसीबी मशीनें लगाई गई थीं। प्रशासन की टीम ने कार्रवाई शुरू करते हुए खेल मैदान की जमीन पर बने निर्माणों को हटाना शुरू किया। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पुलिस की पर्याप्त तैनाती रही, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
खेल मैदान की जमीन पर बने निर्माणों पर चला बुलडोजर
प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की खेल मैदान की भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इसी जमीन पर अवैध तरीके से मकतब, मदरसा और मस्जिद का निर्माण किया गया था। कार्रवाई के दौरान इन निर्माणों के उन हिस्सों को हटाया गया, जिन्हें प्रशासन ने अतिक्रमण की श्रेणी में माना।
भारी सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
बुलडोजर एक्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई पूरी की और खेल मैदान की जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। किसी भी तरह के विरोध या व्यवधान से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
मदरसे की निगरानी करते रहे सपा कार्यकर्ता
प्रशासन की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सपा कार्यकर्ता रातभर मदरसे की निगरानी करते रहे। इसके बावजूद मंगलवार सुबह प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
2022 से चल रहा था खेल मैदान की जमीन का विवाद
बताया जा रहा है कि पिपरा रामलाल गांव में खेल मैदान की जमीन को लेकर विवाद काफी पुराना है। इस मामले में सरकार बनाम अब्दुल सलाम के नाम से डुमरियागंज तहसीलदार न्यायिक न्यायालय में वर्ष 2022 से मुकदमा चल रहा था। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, विवादित जमीन को राजस्व अभिलेखों में खेल मैदान के तौर पर दर्ज किया गया है।
गाटा संख्या 1028 की जमीन पर था कथित अवैध निर्माण
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ग्राम पिपरा रामलाल स्थित गाटा संख्या 1028 में 0.063 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। यह जमीन राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की खेल मैदान की भूमि के रूप में अंकित है। प्रशासन का आरोप है कि अब्दुल सलाम पुत्र मोहम्मद इद्रीश की ओर से इस जमीन पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण कराया गया था।
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत हुई कार्रवाई
इस मामले में प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत कार्रवाई की। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, 12 जून 2026 को बेदखली की कार्रवाई करते हुए 24,742 रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश भी पारित किया गया था। इसी आदेश के बाद मंगलवार को मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने खेल मैदान की जमीन को कब्जामुक्त कराया
मंगलवार को छह जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में खेल मैदान के तौर पर दर्ज जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाना जरूरी था। वहीं, कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अब इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के आगे बढ़ने की भी चर्चा है।










