CEC Protest: चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी का धरना, आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी

राहुल गांधी के चुनाव आयोग के खिलाफ धरने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तंज कसा है। उन्होंने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर ‘2047 तक नौटंकी’ करने की टिप्पणी की। वहीं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे और चुनाव आयोग से मिलने की मांग की।

CEC Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 6, 2026

CEC Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद इन दिनों चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इसी क्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी के धरने पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि वह धरना देने में पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं, क्योंकि उन्हें यह ‘नौटंकी’ साल 2047 तक जारी रखनी है। उन्होंने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए की है। इस दौरान राहुल गांधी के साथ पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसद भी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे नजर आए।

चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च

दरअसल, मंगलवार 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसद और विपक्षी नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के लिए संसद परिसर में जुटे। विपक्षी सांसदों का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करना और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना था। इसके बाद सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने लगे। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

चुनाव आयोग मुख्यालय तक नहीं पहुंच सके विपक्षी सांसद

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और पुलिस बैरिकेड के पास धरना शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर भी चढ़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

आकाशवाणी भवन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का धरना

हिरासत की कार्रवाई के बाद घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ लिया, जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस के कई अन्य नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद नेताओं ने धरना जारी रखा।

‘जब तक बैठना होगा, बैठेंगे’—राहुल गांधी

धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सांसद अपनी बात रखने के लिए चुनाव आयोग तक जाना चाहते हैं तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन को विपक्ष का संवैधानिक अधिकार बताया और कहा कि यदि उनके बैठने से किसी को परेशानी है तो उन्हें बैठने के लिए जगह दी जाए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का आंदोलन

INDIA ब्लॉक का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे व्यापक राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के कुछ आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण भी दिया है।

चुनाव आयोग के खिलाफ आगे भी प्रदर्शन की तैयारी

विपक्षी दलों ने आने वाले दिनों में आंदोलन को अलग-अलग स्तरों तक ले जाने की घोषणा की है। इनमें जिला स्तर पर प्रदर्शन, ब्लॉक स्तर पर विरोध और दिल्ली में बड़ी रैली जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करना शामिल है।

राहुल गांधी के धरने पर सियासी बयानबाजी तेज

राहुल गांधी के धरने के बीच आचार्य प्रमोद कृष्णम की टिप्पणी ने इस पूरे विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आरोपों और मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विरोधियों की बयानबाजी भी तेज हो गई है। मंगलवार का घटनाक्रम संसद से सड़क और फिर आकाशवाणी भवन तक विपक्ष के आंदोलन के विस्तार के रूप में सामने आया।