Karnataka Politics: जाति और सामाजिक न्याय पर सिद्धारमैया का पलटवार, कुमारस्वामी को दिया करारा जवाब

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जाति व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर अपने लेख का बचाव करते हुए भाजपा और जदएस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों और दलितों को नेतृत्व का अवसर दिया है, जबकि विपक्षी दल केवल परिवारवाद और वोट बैंक की राजनीति करते हैं। सिद्धारमैया के अनुसार, दलित मुख्यमंत्री का सपना केवल कांग्रेस ही पूरा कर सकती है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 23, 2026

Karnataka Politics: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को जाति व्यवस्था और सामाजिक न्याय पर अपने लेख का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उनके जैसे पिछड़ी जातियों के नेताओं को न केवल पहचाना है, बल्कि उन्हें सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाकर सशक्त भी बनाया है। सिद्धारमैया के अनुसार, यही विचारधारा कांग्रेस को भाजपा (BJP) और जदएस (JD-S) से अलग करती है।

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सामाजिक न्याय और वैचारिक बहस का स्वागत

बताते चले कि,मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ‘सोशल डे’ के अवसर पर एक समाचार पत्र में लिखे अपने लेख से उपजे विवाद और बहस का स्वागत किया है। उन्होंने एक विस्तृत मीडिया बयान में कहा कि किसी भी स्वस्थ समाज में वैचारिक मंथन जरूरी है। उनका मानना है कि जिस तरह बहता हुआ पानी साफ रहता है और ठहरा हुआ पानी गंदा हो जाता है, उसी तरह सामाजिक व्यवस्था में भी गतिशीलता और बदलाव आवश्यक हैं ताकि वह आम जनता के हितों के अनुरूप बनी रहे।

पिछड़ा वर्ग सशक्तिकरण पर चार दशकों का अटूट स्टैंड

सिद्धारमैया ने इस बात पर जोर दिया कि जाति व्यवस्था और सामाजिक समानता पर बोलना उनके लिए कोई चुनावी स्टंट नहीं है। उन्होंने कहा, “चाहे मैं सत्ता में रहूँ या न रहूँ, सामाजिक न्याय के प्रति मेरा दृष्टिकोण पिछले चार दशकों से स्थिर है।” उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि वह जाति व्यवस्था की पेचीदगियों को उन लोगों से बेहतर समझते हैं जो उनकी आलोचना कर रहे हैं, और वह इस मुद्दे पर किसी भी सार्वजनिक मंच पर चर्चा के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस की समावेशी राजनीति और नेतृत्व के अवसर

मुख्यमंत्री ने कर्नाटक की राजनीति का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सभी समुदायों को साथ लेकर चलने का काम किया है। उन्होंने तर्क दिया कि वोक्कालिगा, लिंगायत, पिछड़े वर्ग और दलित समुदायों के नेता कांग्रेस की समावेशी नीतियों के कारण ही मुख्यमंत्री पद तक पहुँच पाए हैं। सिद्धारमैया ने अपनी स्वयं की यात्रा का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने एक पिछड़ी जाति के नेता को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया।

दलित मुख्यमंत्री की संभावना और विपक्षी दलों की विफलता

अपने बयान में सिद्धारमैया ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि यदि भविष्य में कर्नाटक को कोई दलित मुख्यमंत्री मिलता है, तो वह केवल कांग्रेस के माध्यम से ही संभव होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा या जदएस में दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण के प्रति ऐसी कोई प्रतिबद्धता या इच्छाशक्ति है? उनके अनुसार, विपक्षी दल सामाजिक न्याय के एजेंडे पर पूरी तरह विफल रहे हैं।

एचडी कुमारस्वामी की आलोचना

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा लगाए गए “कुर्सी के लिए जाति की राजनीति” के आरोपों को सिद्धारमैया ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी और एचडी देवेगौड़ा के लिए जाति केवल एक ‘वोट बैंक’ है। उन्होंने जदएस पर ‘परिवारवाद’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल अपने परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। सिद्धारमैया ने अंत में कहा कि जो लोग उन पर जातिवाद का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपनी पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड और प्रतिनिधित्व के इतिहास को देखना चाहिए।

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