Short Term Crop Loan Scheme: फसल ऋण योजना में बड़ा बदलाव, किसानों को मिलेगा 3 लाख तक बिना ब्याज लोन

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए 'शॉर्ट टर्म क्रॉप लोन योजना' के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है।

Short Term Crop Loan Scheme

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Short Term Crop Loan Scheme: किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कर्ज के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ‘शॉर्ट टर्म क्रॉप लोन स्कीम’ (अल्पकालिक फसल ऋण योजना) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह पहल विशेष रूप से उन किसानों के लिए वरदान साबित होगी जो खेती की लागत और बीज-खाद के लिए निजी साहूकारों की ऊंची ब्याज दरों पर निर्भर रहते थे।

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क्या है नई ब्याज-मुक्त ऋण व्यवस्था?

नई नीति के तहत, मध्य प्रदेश के किसानों को अब 3 लाख रुपये तक का फसल ऋण या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सीमा पर ब्याज की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली ब्याज सब्सिडी के अतिरिक्त, राज्य सरकार भी इसमें अपना विशेष योगदान देगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। यदि किसान अपना लिया हुआ ऋण निर्धारित समय सीमा के भीतर चुका देते हैं, तो उन्हें ब्याज के रूप में एक भी रुपया नहीं देना होगा। यह ‘जीरो इंटरेस्ट क्रॉप लोन’ न केवल नकदी के रूप में मिलेगा, बल्कि किसान इसी ऋण सीमा के माध्यम से खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

समय पर भुगतान पर मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार ने किसानों को समयबद्ध तरीके से कर्ज चुकाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक विशेष अनुदान संरचना तैयार की है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

सामान्य ब्याज अनुदान: ऋण लेने वाले प्रत्येक किसान को सरकार की ओर से 1.25 प्रतिशत का सामान्य ब्याज अनुदान दिया जाएगा।

अतिरिक्त प्रोत्साहन: जो किसान अपनी ऋण अदायगी समय सीमा के भीतर पूरी कर लेंगे, उन्हें सरकार 4 प्रतिशत का अतिरिक्त ‘प्रोत्साहन ब्याज अनुदान’ प्रदान करेगी।

प्रभावी ब्याज दर: इन सभी रियायतों और सब्सिडी को एक साथ जोड़ने पर, किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर शून्य प्रतिशत हो जाएगी।

इस व्यवस्था का लाभ राज्य के छोटे, सीमांत और बड़े—सभी श्रेणी के किसानों को मिलेगा। सरकार ने लोन लेने और चुकाने की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में काफी सरल बना दिया है।

ऋण चुकाने की अवधि में भी राहत

अक्सर किसान फसल कटाई के तुरंत बाद आर्थिक तंगी के कारण अपना कर्ज नहीं चुका पाते थे, जिसके चलते उन पर ब्याज का बोझ बढ़ जाता था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाकर 12 महीने कर दिया है। अब किसान अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेचने के बाद आराम से कर्ज का भुगतान कर सकेंगे।

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को निजी साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी। यह कदम न केवल राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि खेती को एक लाभदायक और तनावमुक्त पेशा बनाने की दिशा में भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। मोहन यादव सरकार की यह घोषणा राज्य के कृषक समुदाय के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत के रूप में देखी जा रही है।

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