Health Tips: दाद की वैक्सीन से दिल को भी फायदा? हार्ट डिजीज का खतरा घटने का दावा

दाद यानी शिंगल्स से बचाने वाली वैक्सीन को लेकर नई स्टडी ने मेडिकल दुनिया में दिलचस्प सवाल खड़ा कर दिया है। रिसर्च में Shingrix लेने वालों में हार्ट डिजीज, हार्ट फेल्योर और कुछ कार्डियोवस्कुलर घटनाओं का जोखिम कम पाया गया। लेकिन क्या यह वैक्सीन सच में दिल को बचाती है, या इसके पीछे कोई दूसरा कारण है? पूरी कहानी जानिए।

दाद की वैक्सीन से दिल को भी फायदा?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 29, 2026

Health Tips: दाद यानी Shingles से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन को लेकर एक नई स्टडी में दिल की सेहत से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेत सामने आया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, पुरानी वैक्सीन की तुलना में नई शिंगल्स वैक्सीन लेने वाले लोगों में कुछ हृदय और रक्त वाहिका संबंधी बीमारियों का जोखिम कम देखा गया। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक से बचाव की सीधी गारंटी नहीं माना जा सकता। स्टडी में नई वैक्सीन लेने वाले लोगों में हार्ट डिजीज, हार्ट फेल्योर और अनियमित हार्टबीट जैसी समस्याओं के मामले अपेक्षाकृत कम मिले। पुरुषों में इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा भी करीब 12 प्रतिशत कम देखा गया।

Raksha Bandhan Special: सूजी से बनाएं बिना मावे के स्वादिष्ट पेड़े, बेहद

Nature Medicine में प्रकाशित हुई रिसर्च

यह शोध प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Nature Medicine में प्रकाशित हुआ है। इसके लिए अमेरिका के बड़े हेल्थ रिकॉर्ड डेटाबेस का विश्लेषण किया गया। रिसर्च में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया गया और उन लोगों की तुलना की गई, जिन्हें शिंगल्स की पुरानी और नई वैक्सीन दी गई थी। अध्ययन में करीब 36,460-36,460 लोगों के दो समूह बनाए गए। दोनों समूहों की उम्र, बीमारियों, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखकर तुलना की गई। इसके बाद लगभग सात साल तक उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर नजर रखी गई।

नई वैक्सीन लेने वालों में 9% कम जोखिम

शोधकर्ताओं के अनुसार, सात साल की अवधि में नई शिंगल्स वैक्सीन वाले समूह में हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का कुल जोखिम करीब 9 प्रतिशत कम पाया गया। हालांकि, समय गुजरने के साथ यह अंतर धीरे-धीरे कम होता दिखाई दिया। कोरोनरी हार्ट डिजीज के मामलों में करीब 10 प्रतिशत, जबकि हार्ट फेल्योर के जोखिम में लगभग 12 प्रतिशत कमी देखी गई। इसके अलावा एट्रियल फिब्रिलेशन यानी दिल की धड़कन के अनियमित होने की समस्या का खतरा भी करीब 7 प्रतिशत कम पाया गया।

स्ट्रोक को लेकर क्या पता चला?

पूरे समूह में इस्केमिक स्ट्रोक के खतरे में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला। हालांकि, पुरुषों के आंकड़ों का अलग से विश्लेषण करने पर इस्केमिक स्ट्रोक का जोखिम करीब 12 प्रतिशत कम पाया गया। इसका मतलब यह नहीं है कि शिंगल्स वैक्सीन हर पुरुष में स्ट्रोक का खतरा 12 प्रतिशत घटा देती है। शोध में केवल एक संभावित संबंध सामने आया है और इसे साबित करने के लिए आगे नियंत्रित रिसर्च की आवश्यकता होगी।

वैक्सीन से दिल को फायदा क्यों हो सकता है?

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि इसके पीछे शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया और सूजन से जुड़े तंत्र की भूमिका हो सकती है। नई वैक्सीन में मौजूद घटक लंबे समय तक प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय रख सकता है, जिससे शरीर में कुछ सूजन संबंधी प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। क्योंकि लंबे समय तक रहने वाली सूजन को हृदय रोगों के जोखिम से जोड़ा जाता है, इसलिए वैज्ञानिक वैक्सीन और बेहतर हृदय स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंध की जांच कर रहे हैं।

अभी इसे हार्ट अटैक से बचाने वाली वैक्सीन न मानें

स्टडी के नतीजे दिल की सेहत के लिहाज से उत्साहजनक जरूर हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि शिंगल्स वैक्सीन सीधे तौर पर हार्ट अटैक या स्ट्रोक को रोकती है।यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी थी, जिसमें पहले से मौजूद स्वास्थ्य रिकॉर्ड की तुलना की गई। धूम्रपान, खान-पान, शराब, शिक्षा, नौकरी और आय जैसे कुछ कारकों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए शोध के आधार पर केवल वैक्सीन को ही कम जोखिम की वजह मानना सही नहीं होगा। आगे की रिसर्च से इस संबंध की वास्तविक वजह और प्रभाव को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।

Raksha Bandhan Special: सूजी से बनाएं बिना मावे के स्वादिष्ट पेड़े, बेहद