Aftab Ansari Jail Raid : आफताब अंसारी की जेल सेल से iPhone समेत 3 फोन, 2 राउटर बरामद; FIR दर्ज

आफताब अंसारी की जेल सेल में हुई छापेमारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। तलाशी के दौरान iPhone समेत तीन मोबाइल फोन और दो राउटर बरामद किए गए। मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आखिर जेल सेल तक ये डिवाइस कैसे पहुंचे?

Aftab Ansari Jail Raid

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 29, 2026

Aftab Ansari Jail Raid :  कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल, जिसे राज्य की हाई-सिक्योरिटी जेलों में गिना जाता है, वहां से एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। 2002 में कोलकाता स्थित अमेरिकन सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाने जाने वाले आफताब अंसारी की जेल सेल से कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक और संचार उपकरण बरामद होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

तलाशी अभियान में मिले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

जेल प्रशासन की ओर से चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान आफताब अंसारी की सेल से कई हाईटेक गैजेट्स बरामद किए गए। सामने आई जानकारी के मुताबिक इनमें एक Apple iPhone, एक जोड़ी अन्य स्मार्टफोन, दो Wi-Fi राउटर, एक कार्ड रीडर और एक पेन ड्राइव शामिल हैं। इसके अलावा OTG केबल और OTG एडॉप्टर भी बरामद किए गए हैं। इतने उपकरणों की बरामदगी ने जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाई-सिक्योरिटी बैरक में गैजेट पहुंचने से चिंता

आफताब अंसारी जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी की सेल से संचार उपकरणों की बरामदगी को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जेल के अंदर कैसे पहुंचे। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इन उपकरणों का इस्तेमाल बाहरी लोगों से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जा रहा था।

किन लोगों के संपर्क में था आफताब?

गैजेट्स की बरामदगी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आफताब अंसारी जेल के अंदर रहते हुए किन लोगों से संपर्क कर रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन उपकरणों के जरिए किसी व्यक्ति, गिरोह या अन्य नेटवर्क से संपर्क किया गया था या नहीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

पहले भी जेल से संपर्क के आरोप लगे

आफताब अंसारी को लेकर इससे पहले भी जेल के अंदर से बाहरी संपर्क बनाए रखने के आरोप सामने आ चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उस पर जेल में रहते हुए पाकिस्तान के कराची में अपनी पत्नी से बातचीत करने का आरोप भी लगाया गया था। मौजूदा बरामदगी के बाद पुराने मामलों और संभावित संपर्कों को भी जांच के दायरे में लाए जाने की संभावना है।

कई गंभीर मामलों में आरोपी है आफताब

आफताब अंसारी का नाम केवल 2002 के अमेरिकन सेंटर हमले से ही नहीं जुड़ा है। उस पर कई अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में भी आरोप रहे हैं। इनमें मशहूर खादिम शू कंपनी के मालिक पार्थ रॉय बर्मन के अपहरण का मामला और गुजरात में अवैध हथियारों की कथित बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े आरोप शामिल हैं। इन मामलों के कारण वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहा है।

हेस्टिंग्स थाने में दर्ज हुई एफआईआर

जेल सेल से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी के बाद कोलकाता के हेस्टिंग्स पुलिस थाने में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। एफआईआर में आफताब अंसारी के साथ-साथ उन संभावित मददगारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो कथित तौर पर इन उपकरणों को जेल तक पहुंचाने में शामिल हो सकते हैं।

जेल कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हाई-सिक्योरिटी बैरक तक इतने आधुनिक उपकरण आखिर कैसे पहुंच गए। इसके लिए जेल के भीतर और बाहर के संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी जेल कर्मचारी या अन्य अंदरूनी व्यक्ति की कथित मिलीभगत तो नहीं थी।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डेटा खंगाल सकती हैं एजेंसियां

बरामद किए गए मोबाइल फोन, राउटर, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एजेंसियां इनसे जुड़े डिजिटल डेटा और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से और किन लोगों के संपर्क में रहने के लिए किया जा रहा था।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता

प्रेसिडेंसी जेल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जेल में हाईटेक संचार उपकरणों की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच का मुख्य फोकस उपकरणों के जेल तक पहुंचने, उनके इस्तेमाल और संभावित नेटवर्क की पहचान पर है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की सभी संभावित कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

Read More  :  Child Health Campaign 2026: जन्माष्टमी पर बच्चों की होगी स्वास्थ्य जांच, 29 अगस्त से 4 सितंबर तक विशेष अभियान