Share Market Today: आज 30 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक बाजरों में जारी उतार-चढ़ाव और विदेशी और संकेतों के दबाव के चलते घरेलू निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 76,210.43 के स्तर से करीब 250 से 300 अंक नीचे फिसलकर लगभग 75,950 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी में भी कमजोरी रही और यह करीब 80 से 100 अंकों की गिरावट के साथ 23,770-23,790 के दायरे में कारोबार करता नजर आया।
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भारतीय शेयरों पर असर
आपको बता दें कि, भारतीय बाजार में गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता को माना जा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद भी निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए गए नए बयानों के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है। हालांकि, एआई चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों से आई रिकवरी और फेड के फैसले ने वैश्विक बाजारों को कुछ राहत देने का काम किया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
गुरुवार को एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिश्रित रहा। जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में करीब 0.25 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं, टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जापान के स्मॉल-कैप कोस्डैक इंडेक्स में करीब 0.73 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स पिछले सत्र की बड़ी गिरावट के बाद संभलता नजर आया और शुरुआती कारोबार में करीब 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स भी अपनी पिछली क्लोजिंग के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
इससे पहले बुधवार रात अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1,153.18 अंकों यानी 2.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 51,594.14 के स्तर पर बंद हुआ। यह अप्रैल 2025 के बाद डाउ की सबसे बड़ी गिरावट रही। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.52 प्रतिशत गिरकर 7,316.15 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट में भी 1.74 प्रतिशत की कमजोरी आई और यह 24,442.94 के स्तर पर पहुंच गया।
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US फ्यूचर्स में दिखी रिकवरी की उम्मीद
हालांकि, गुरुवार सुबह अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में हल्की तेजी देखने को मिली। डाउ जोन्स फ्यूचर्स में करीब 158 अंकों यानी 0.3 प्रतिशत की बढ़त रही। इसके अलावा एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में करीब 0.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारतीय निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है।
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