Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें? अष्टमी-नवमी की तिथि को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन

शारदीय नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी और महानवमी की तारीख को लेकर असमंजस है। जानिए दोनों तिथियां कब पड़ेंगी और कन्या पूजन के लिए कौन-सा दिन शुभ रहेगा।

Shardiya Navratri 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व में महाअष्टमी और महानवमी तिथियों का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन दोनों तिथियों पर मां दुर्गा के स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के साथ ही कन्या पूजन (कंजक पूजन) करने की परंपरा निभाई जाती है। अष्टमी तिथि के दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी और नवमी तिथि पर नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है।

हर साल तिथियों के घटने-बढ़ने और सूर्योदय काल की गणना के कारण श्रद्धालुओं के बीच पूजा और व्रत के दिन को लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति बन जाती है। वर्ष 2026 में भी अष्टमी और नवमी तिथि के समय को लेकर पंचांगीय गणना के अनुसार सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है ताकि श्रद्धालु सही समय पर पूजा और कन्या पूजन संपन्न कर सकें।

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महाअष्टमी की तिथि, मुहूर्त और कन्या पूजन का समय

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नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें?

पंचांग की सटीक गणना के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे के बाद अष्टमी तिथि का प्रवेश हो रहा है, जो अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, चूंकि 18 अक्टूबर को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि उपस्थित नहीं है, इसलिए इस दिन अष्टमी का व्रत और पूजन नहीं रखा जाएगा।

उदयातिथि के नियम के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि विद्यमान रहेगी। इसलिए इसी दिन महाअष्टमी का व्रत, मां महागौरी की पूजा और अष्टमी का कन्या पूजन किया जाएगा। जो श्रद्धालु अष्टमी तिथि पर कन्या खिलाते हैं, वे 19 अक्टूबर को सुबह से लेकर 10:51 बजे से पहले देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन करा सकते हैं, दक्षिणा दे सकते हैं और उपहार भेंट कर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

महानवमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और कन्या पूजन का सही समय

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नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें?

नवमी तिथि की शुरुआत 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे से होगी और इसका समापन 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे होगा।

उदयातिथि के सिद्धांत के आधार पर 20 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय नवमी तिथि होने के कारण महानवमी का पूजन इसी दिन मनाया जाएगा। जो भक्त नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने का संकल्प लेते हैं, वे 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे से पहले-पहले नवमी का कन्या पूजन एवं हवन-पूजन के अनुष्ठान संपन्न कर सकते हैं।

महाअष्टमी और महानवमी पर किन देवियों की होती है उपासना?

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नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें?

मां महागौरी (अष्टमी तिथि): महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और पवित्रता का प्रतीक है। इनकी उपासना से पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि व शांति का वास होता है।

मां सिद्धिदात्री (नवमी तिथि): महानवमी पर मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, देवी का यह रूप सभी प्रकार की सिद्धियों, ऋद्धियों और आध्यात्मिक उन्नति को प्रदान करने वाला माना जाता है। इनकी कृपा से साधक को यश, वैभव और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।