Uttarakhand News: कैंची धाम जाने से पहले जान लें नया प्रस्ताव, दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन पर विचार

कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लागू करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के तहत रोजाना 20 से 25 हजार भक्तों के पंजीकरण की व्यवस्था हो सकती है। आखिर क्या दर्शन से पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा? मंदिर के समय और यातायात व्यवस्था में भी बदलाव संभव है। जानिए पूरी खबर।

कैंची धाम जाने से पहले जान लें नया प्रस्ताव

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 14, 2026

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नीम करोली बाबा से जुड़े इस धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि आसपास के मार्गों पर यातायात संभालना भी प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

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दर्शन के लिए रोजाना 20 से 25 हजार लोगों के पंजीकरण का प्रस्ताव

श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, प्रतिदिन दर्शन के लिए आने वाले करीब 20 हजार से 25 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जा सकता है। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद उस दिन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण बंद करने की व्यवस्था पर विचार है। हालांकि, यह फिलहाल प्रस्ताव है और इसे लागू करने के संबंध में अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

अभी बिना रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं दर्शन

अभी बिना रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं दर्शन
अभी बिना रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं दर्शन

मौजूदा व्यवस्था के तहत कैंची धाम में दर्शन करने के लिए पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं है। श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन के भी मंदिर पहुंच सकते हैं। यदि नई व्यवस्था को मंजूरी मिलती है, तो दर्शन की योजना बनाने वाले भक्तों को पहले से पंजीकरण कराना पड़ सकता है। प्रशासन का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना और अत्यधिक भीड़ के कारण पैदा होने वाली समस्याओं को कम करना है।

छह महीने में पहुंचे 24.34 लाख श्रद्धालु

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में कैंची धाम में लगभग 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, पिछले पूरे वर्ष के दौरान यहां आने वाले भक्तों की संख्या करीब आठ लाख बताई गई थी। श्रद्धालुओं की संख्या में इस अंतर ने प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की चुनौती को और गंभीर बना दिया है। खासकर सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में अधिक दबाव देखने को मिलता है।

लंबे वीकेंड पर 35 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

रिपोर्ट के मुताबिक, आम दिनों में भी कैंची धाम में लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। वहीं, 2 अक्टूबर से शुरू हुए लंबे वीकेंड के दौरान प्रतिदिन आने वाले भक्तों की संख्या 35 हजार से अधिक हो गई। इसके चलते कैंची धाम को भवाली, भीमताल और मुक्तेश्वर से जोड़ने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। जाम की समस्या ने स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाईं।

वैकल्पिक रास्तों और मंदिर खुलने के समय पर भी विचार

वैकल्पिक रास्तों और मंदिर खुलने के समय पर भी विचार
वैकल्पिक रास्तों और मंदिर खुलने के समय पर भी विचार

भीड़ से निपटने के लिए आयोजित बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में श्रद्धालुओं के पंजीकरण और वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रशासन मंदिर को सुबह छह बजे के बजाय चार बजे खोलने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, समय में बदलाव से पहले मंदिर समिति से चर्चा जरूरी होगी। फिलहाल श्रद्धालुओं को प्रस्तावित नियमों के अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।