
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सपूतों के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर बयान देते समय नेताओं से जिम्मेदारी और तथ्यों का ध्यान रखने की अपील की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची, सड़कों की मरम्मत, पेयजल और सीवर परियोजनाओं सहित जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
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अजीत डोभाल के समर्थन में क्या बोले सीएम धामी?

मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल ने देश की सुरक्षा और सामरिक हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयान देते समय भाषा और तथ्यों के प्रति गंभीरता बरतना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं से भी सवाल किया कि क्या वे अपने राष्ट्रीय नेतृत्व से इस टिप्पणी को लेकर सवाल करेंगे? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रदेश के कांग्रेस नेता अजीत डोभाल के प्रति अपना सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त करेंगे। धामी ने दोहराया कि देवभूमि के सपूतों के सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम जोड़ने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम कैंट रोड स्थित अपने आवास पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक विभिन्न विषयों की समीक्षा की। इस दौरान मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य पर विशेष जोर दिया गया।
धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। वहीं, अपात्र प्रविष्टियों का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए। उन्होंने प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आम लोगों को मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के कारण अपने अधिकार से वंचित न रहे। जनहित के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दी गई।
सड़कों की मरम्मत और अधूरे निर्माण कार्यों पर सख्ती
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह स्वयं सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही सीवर और पेयजल पाइपलाइन से जुड़े अधूरे कार्यों को एक नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिन सड़कों को निर्माण कार्यों के दौरान खोदा गया है, उनकी मरम्मत जल्द कराने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व मामलों और पुलिस शिकायतों का समय पर निपटारा

मुख्यमंत्री ने पटवारियों और तहसीलदारों को राजस्व संबंधी मामलों का निर्धारित समयसीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। पुलिस अधिकारियों को शिकायतों को गंभीरता से सुनने और संज्ञेय अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
नवरात्र और दीपावली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा, स्वच्छता तथा यातायात व्यवस्था मजबूत रखने को कहा। देहरादून, मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख शहरों में पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े राजनीतिक बयान से लेकर मतदाता सूची और बुनियादी सुविधाओं तक कई मुद्दे चर्चा में रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों और जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
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