
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर देवभूमि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। देश के कोने-कोने से पहुंच रहे भक्तों की अगाध आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नवरात्रि के शुरुआती दिनों में ही केवल छह प्रमुख मंदिरों में एक लाख पैंसठ हजार (1,65,000) से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं।
हिमाचल के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इन दिनों प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मंदिरों को भव्य रूप से रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक आधुनिक लाइटों से सजाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिरों के खुलने के समय में बदलाव

श्रद्धालुओं की इस अभूतपूर्व भीड़ और सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्टों ने आपसी सहमति से प्रमुख शक्तिपीठों के कपाट खुलने और दर्शन के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब भक्तगण लंबे समय तक कतार में खड़े रहने से बचकर आसानी से माता के दर्शन कर पा रहे हैं।
श्री नैना देवी मंदिर: श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए इस प्रसिद्ध मंदिर के कपाट अब ब्रह्म मुहूर्त में रात 3:00 बजे ही खोल दिए जाते हैं, और रात 11:30 बजे तक अनवरत दर्शन जारी रहते हैं।
मां चिंतपूर्णी मंदिर: इस पावन शक्तिपीठ में भक्तों के लिए सुबह 4:00 बजे से ही दर्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
मां ज्वालाजी, मां बज्रेश्वरी देवी और मां चामुंडा देवी मंदिर: इन तीनों प्रमुख शक्तिपीठों में सुबह 5:00 बजे से कपाट खोलकर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त: 1200 से अधिक जवान तैनात और ड्रोन से निगरानी

लाखों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है। इसे सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर परिसरों, मुख्य मार्गों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और होमगार्ड के 1200 से अधिक जवानों को मुस्तैद किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और भीड़ पर पैनी नजर रखने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरों (CCTV) के साथ-साथ ड्रोन (Drones) के जरिए भी चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित माहौल में माता के दर्शन कर सकें।
अन्य मंदिरों में भी गूंज रहे जयकारे

केवल पांच प्रमुख शक्तिपीठों तक ही नहीं, बल्कि हिमाचल के अन्य प्रतिष्ठित देवी मंदिरों में भी भारी रौनक देखने को मिल रही है। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर, प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर, जुब्बल क्षेत्र के मां हाटेश्वरी मंदिर, तथा सोलन जिले के आस्था के केंद्र मां शूलिनी मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर तरफ माता के जयकारों की गूंज से पूरी देवभूमि गुंजायमान हो रही है। प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक पूरी निष्ठा के साथ व्यवस्था को संभालने में जुटे हैं ताकि हर भक्त को सुगमता से मां के दर्शन प्राप्त हो सकें।
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