Shankaracharya Lucknow Visit: लखनऊ में धर्मयुद्ध का शंखनाद, शंकराचार्य ने गौ संरक्षण का दिया संदेश

लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शंखनाद कर गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का उद्घोष किया। संत और धर्माचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करना बताया गया।

शंकराचार्य ने गौ संरक्षण का दिया संदेश

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 11, 2026

Shankaracharya Lucknow Visit: लखनऊ के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शंखनाद कर गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का आगाज किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और समर्थक मौजूद रहे। शंकराचार्य इस आंदोलन के केंद्र में हैं और वे गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को लेकर लंबे समय से चर्चा में हैं।

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धर्माचार्यों और गो रक्षकों का जुटान

कार्यक्रम के लिए देशभर से धर्माचार्य और गो रक्षक लखनऊ में मंगलवार को ही पहुँच गए। राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु आचार्य देव मुरारी बापू ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि कार्यक्रम को रुकवाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन प्रशासन ने अनुमति प्रदान की और सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती गई।

महिलाओं का समर्थन और सक्रिय भागीदारी

महिलाओं का समर्थन और सक्रिय भागीदारी
महिलाओं का समर्थन और सक्रिय भागीदारी

फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुधवार को गो प्रतिष्ठा आंदोलन का समर्थन करने के लिए दर्जनों सनातनी महिलाएं एकत्रित हुईं। महिलाओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई और आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान रहा है, लेकिन आज लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ में परंपराओं और शुद्धता का पालन आवश्यक है और लोगों को गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

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गौ, गंगा और गायत्री का भारतीय संस्कृति में महत्व

त्रिपाठी ने कहा कि गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति का मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश गो-बध मुक्त बनता है, तो भारत फिर से विश्व गुरु के रूप में उभर सकता है। उन्होंने प्रत्येक सनातनी से अपने कर्मों के आधार पर गौ संरक्षण में योगदान देने की अपील की।

गांवों में गोचर भूमि और गौवंश की स्थिति

अखिलेश अवस्थी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में हर गांव में गोचर भूमि दर्ज है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह भूमि अतिक्रमित हो चुकी है। इसके कारण गौवंश सड़कों और बाजारों में भटकने को मजबूर है।

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आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प

दलजीत कौर ने उपस्थित लोगों से कहा कि हर सनातनी को गौ रक्षा के लिए आगे आना चाहिए और जहां भी संभव हो, गो प्रतिष्ठा आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने गौ माता के समर्थन में जयकारे लगाए और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।