NEET Controversy: NTA में बड़े बदलाव की तैयारी! शिक्षा मंत्रालय के आज रात के ऐलान से मचेगा हड़कंप?

नीट पेपर लीक और देश भर में जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मोदी कैबिनेट ने परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए एक बेहद सख्त कानून को मंजूरी दे दी है, जिसमें 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। शिक्षा मंत्रालय भी आज रात बड़े सुधारों का ऐलान करने जा रहा है।

NEET Controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 24, 2026

NEET Controversy: नीट (NEET) परीक्षा में हुए पेपर लीक के मामलों और उसके बाद देश भर में भड़के आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार अब पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन और Gen-Z के भारी विरोध-प्रर्दशन के बीच सरकार ने परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नकेल कसने के लिए एक बेहद सख्त सजा वाले बिल को मंजूरी दे दी गई है, जिसे चालू संसद सत्र में ही पेश किए जाने की पूरी संभावना है।

शिक्षा मंत्रालय का आज रात बड़ा ऐलान

सूत्रों से प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA में व्यापक सुधारों को लेकर शिक्षा मंत्रालय आज रात 8 बजे एक बहुत बड़ा ऐलान करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस घोषणा में एनटीए के ढांचे, कामकाज और परीक्षा आयोजन की प्रणाली में कई क्रांतिकारी बदलावों की रूपरेखा रखी जाएगी। सरकार का यह कदम मुख्य रूप से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जा सके।

पेपर लीक करने वालों पर होगी भारी कार्रवाई

देश भर में परीक्षाओं की गरिमा को तार-तार करने वाले और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक और कड़े प्रावधान तय किए हैं। हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए और सख्त कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति या संगठित गिरोह पेपर लीक जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे 10 साल तक की लंबी जेल की सजा और 10 करोड़ रुपए तक का भारी-भरकम जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सरकार के इस सख्त संदेश से स्पष्ट है कि अब भविष्य में इस प्रकार की धांधलियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोनम वांगचुक का 26 दिन का अनशन समाप्त

उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक की घटनाओं के सामने आने के बाद देश के युवाओं में जबरदस्त गुस्सा फूट पड़ा था। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर जंतर-मंतर पर छात्रों का ऐतिहासिक प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसे प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का समर्थन प्राप्त हुआ। सोनम वांगचुक इस मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए थे, जिसके समर्थन में देश भर की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z की फौज सड़कों पर उतर आई थी। अंततः सरकार द्वारा मांगों पर गंभीर विचार करने का भरोसा दिए जाने के बाद, सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद हाल ही में अपना अनशन समाप्त किया है।