Shabana Mahmood UK PM: ब्रिटेन में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन की आहट, क्या शबाना महमूद बनेंगी पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री?

ब्रिटेन में पीटर मैंडेलसन और जेफरी एपस्टीन के संबंधों को लेकर उठे विवाद ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की घेराबंदी कर दी है। चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफे के बाद अब गृह मंत्री शबाना महमूद को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है। क्या 45 वर्षीय शबाना रचेंगी नया इतिहास?

Shabana Mahmood UK PM

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 9, 2026

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Shabana Mahmood UK PM: ब्रिटेन की राजनीति इस समय अपने सबसे अस्थिर दौर से गुजर रही है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जिन्होंने 2024 के चुनाव में लेबर पार्टी को भारी बहुमत दिलाया था, अब अपनी ही पार्टी के भीतर बगावत का सामना कर रहे हैं। हाउस ऑफ कॉमन्स की 650 सीटों में से 404 सीटों पर काबिज होने के बावजूद, लेबर पार्टी के भीतर असंतोष की आग तेजी से फैल रही है। कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि यदि स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो गृह मंत्री शबाना महमूद देश की कमान संभालने वाली पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच सकती हैं।

एपस्टीन फाइल्स का विवाद: पीटर मेंडेलसन की नियुक्ति पड़ी भारी

प्रधानमंत्री स्टार्मर की मुश्किलों का मुख्य कारण अमेरिका में सार्वजनिक हुई ‘एपस्टीन फाइल्स’ हैं। इन विवादित फाइलों में पीटर मेंडेलसन का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है, जिन्हें स्टार्मर ने हाल ही में अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। इस नियुक्ति को लेकर लेबर पार्टी के सांसदों में भारी नाराजगी है। विपक्ष के साथ-साथ अपनी ही पार्टी के सांसदों का मानना है कि स्टार्मर ने इस संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बरती। सूत्रों का दावा है कि यदि 80 से अधिक सांसद स्टार्मर के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं, तो उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

कौन हैं शबाना महमूद? बैरिस्टर से गृह मंत्री तक का सफर

45 वर्षीय शबाना महमूद को आज ब्रिटेन की सबसे शक्तिशाली महिला नेताओं में गिना जाता है। बर्मिंघम में जन्मी शबाना का परिवार मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मीरपुर से ताल्लुक रखता है। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और 2003 में एक पेशेवर बैरिस्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। साल 2010 में बर्मिंघम लेडीवुड सीट से जीतकर वे ब्रिटेन की पहली तीन महिला मुस्लिम सांसदों में शामिल हुईं। वर्तमान में वे स्टार्मर सरकार में गृह मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।

इमिग्रेशन पर सख्त रुख: दक्षिणपंथी धड़े में बढ़ती लोकप्रियता

शबाना महमूद की छवि लेबर पार्टी के अन्य नेताओं से काफी अलग है। उन्हें पार्टी के भीतर ‘राइट विंग’ या दक्षिणपंथी विचारधारा के करीब माना जाता है। गृह मंत्री के तौर पर उन्होंने इमिग्रेशन (प्रवासन) को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ब्रिटेन में स्थायी निवास (Permanent Residency) पाना किसी का अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष सुविधा है। उनके इस सख्त मिजाज ने उन मतदाताओं के बीच भी उनकी लोकप्रियता बढ़ा दी है, जो आमतौर पर लेबर पार्टी को नरमपंथी मानते थे।

मुस्लिम और फिलिस्तीन समर्थकों के बीच मजबूत पकड़

शबाना महमूद की दावेदारी इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि वे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संतुलन बनाने में माहिर हैं। एक तरफ वे इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर कट्टर छवि रखती हैं, तो दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय और फिलिस्तीन समर्थकों के बीच भी उनकी गहरी पैठ है। उनकी यह बहुमुखी छवि उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पेश करती है जो विभाजित लेबर पार्टी को एकजुट करने की क्षमता रखती है।

ऐतिहासिक पल की दहलीज पर खड़ा ब्रिटेन

शबाना महमूद के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह से कीर स्टार्मर के अगले कदम पर निर्भर करता है। यदि लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होती है, तो शबाना सबसे प्रबल दावेदार होंगी। यदि ऐसा होता है, तो यह न केवल ब्रिटेन के लिए बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी एक बड़ा संदेश होगा। क्या शबाना महमूद 10 डाउनिंग स्ट्रीट की कमान संभालने वाली पहली मुस्लिम नेता बनेंगी? इसका फैसला आने वाले कुछ हफ्तों में संसद के भीतर होने वाली खींचतान से तय होगा।

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