Seekho App Scam: ऑनलाइन सीखने के नाम पर खेला बड़ा गेम? Seekho App पर उठे सवाल

Seekho App को लाखों लोगों ने सीखने और कमाई का जरिया समझकर डाउनलोड किया, लेकिन अब इस ऐप को लेकर कई चौंकाने वाले आरोप सामने आ रहे हैं। यूजर्स का दावा है कि फ्री ट्रायल और ऑटो सब्सक्रिप्शन के जरिए उनके अकाउंट से पैसे कटे। आखिर क्या है पूरा मामला और कैसे बचें ऐसे डिजिटल जाल से?

ऑनलाइन सीखने के नाम पर खेला बड़ा गेम?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 14, 2026

Seekho App Scam: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रह गया है। लोग अब स्मार्टफोन के जरिए पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और ऑनलाइन कमाई के नए तरीके सीख रहे हैं। इसी बीच सीखों नाम का एक ऐप काफी तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हुआ। दवा किया गया है कि इस प्लैटफॉर्म के जरिए यूजर्स घर बैठ बिजनेस, सोशल मीडिया ग्रोथ, अंग्रेजी बोलना और ऑनलाइन कमाई जैसी चीजें सीख सकते हैं।

छोटे-छोटे वीडियो और आसान भाषा में जानकारी देने की वजह से यह ऐप खासकर युवाओं और छोटे शहरों में तेजी से वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि अब तक इसे 15 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

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ट्रायल ऑफर के बाद कटने लगे पैसे

हालांकि लोकप्रियता के साथ अब इस ऐप को लेकर कई शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। कई यूजर्स का आरोप है कि उन्हें बेहद कम कीमत में ट्रायल का ऑफर दिया गया, लेकिन बाद में उनके अकाउंट से बिना जानकारी के पैसे कटने लगे। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें यह तक समझ नहीं आया कि उनका सब्सक्रिप्शन कब एक्टिव हो गया। सोशल मीडिया और गूगल प्ले स्टोर पर यूजर्स ने शिकायत करते हुए कहा कि ऐप ने ऑटो-पेमेंट फीचर ऑन कर दिया, जिसकी वजह से हर महीने उनके बैंक अकाउंट या UPI से पैसे कटते रहे।

छोटे शहरों के लोग ज्यादा हुए प्रभावित

छोटे शहरों के लोग ज्यादा हुए प्रभावित
छोटे शहरों के लोग ज्यादा हुए प्रभावित

सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा जो तकनीक की ज्यादा जानकारी नहीं रखते। गांव और छोटे शहरों के कई यूजर्स ने ऐप के विज्ञापन देखकर इसे अपनी जिंदगी बदलने का मौका समझा। किसी ने ऑनलाइन बिजनेस सीखने के लिए पैसे खर्च किए तो किसी ने सोशल मीडिया से कमाई के सपने में सब्सक्रिप्शन ले लिया। लेकिन बाद में कई लोगों को लगा कि ऐप पर दिया गया कंटेंट विज्ञापनों में दिखाए गए दावों जैसा नहीं था। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि जो जानकारी उन्हें पैसे देकर दिखाई गई, वह पहले से यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध थी।

चमकदार विज्ञापनों से फंस रहे लोग

ऑनलाइन ठगी का तरीका भी काफी चालाकी से अपनाया जा रहा है। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर ऐसे विज्ञापन दिखाए जाते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि लोग घर बैठे लाखों रुपए कमा सकते हैं या सिर्फ मोबाइल से बिजनेस शुरू कर सकते हैं। ऐसे सपनों को देखकर लोग उम्मीद में ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। शुरुआत में कम कीमत वाला ट्रायल ऑफर दिखाया जाता है और फिर धीरे-धीरे ऑटो डिडक्शन के जरिए पैसे कटने लगते हैं। कई बार यूजर्स को लंबे समय तक यह तक पता नहीं चलता कि उनके अकाउंट से हर महीने रकम क्यों निकल रही है।

प्रमोशनल कॉल और निवेश के दावे

कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में यह भी सामने आया कि कई यूजर्स को लगातार कॉल और मैसेज भेजकर कोर्स खरीदने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि नंबर दर्ज करने के बाद उन्हें बार-बार प्रमोशनल कॉल आने लगे। वहीं “Seekho Becho” जैसे मॉडल्स को लेकर भी सवाल उठे, जहां कम निवेश में बड़ा बिजनेस शुरू कराने का सपना दिखाया गया। कई यूजर्स का कहना है कि बाद में उनसे अलग-अलग नामों पर और पैसे मांगे गए।

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डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना जरूरी

हालांकि हर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पूरी तरह गलत नहीं होता, लेकिन कई बार विज्ञापन लोगों की उम्मीदों के साथ खेल जाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी ऐप पर पैसा लगाने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और सब्सक्रिप्शन की शर्तों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। खासकर फ्री ट्रायल और ऑटो-पेमेंट जैसी सुविधाओं को नजरअंदाज करना बाद में नुकसान पहुंचा सकता है।

बिना जांचे किसी ऐप पर भरोसा न करें

आज इंटरनेट पर सीखने के कई अच्छे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, लेकिन हर चमकती चीज भरोसेमंद नहीं होती। अगर कोई ऐप कम मेहनत में ज्यादा कमाई का सपना दिखाए, तो सतर्क हो जाना चाहिए। किसी भी प्लेटफॉर्म को डाउनलोड करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना जरूरी है, ताकि सीखने के नाम पर आपकी मेहनत की कमाई बर्बाद न हो।

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