SC का बड़ा फैसला: नीतीश कटारा के दोषी विकास को फर्लो, परिवार संग मना सकेगा होली

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा काट रहे विकास यादव को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उसे 7 मार्च तक 'फर्लो' पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है ताकि वह होली के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिता सके। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने यह आदेश पारित किया है। फर्लों का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि यादव ने बिना किसी छूट के 23 साल जेल में बिताए हैं, जबकि उसे बिना किसी छूट

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Published On :

फ़रवरी 27, 2026

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लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा काट रहे विकास यादव को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उसे 7 मार्च तक 'फर्लो' पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है ताकि वह होली के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिता सके। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने यह आदेश पारित किया है। फर्लों का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि यादव ने बिना किसी छूट के 23 साल जेल में बिताए हैं, जबकि उसे बिना किसी छूट के 25 साल जेल में बिताने हैं।

कोर्ट ने ऑर्डर दिया, "अब फर्लो इस आधार पर मांगा गया है कि वह होली के दौरान समय बिताना चाहता है, तो मेरिट्स पर जाए बिना, हम पिटीशनर को 7 मार्च तक फर्लो पर रिहा करने की इजाजत देते हैं।" इस दौरान प्रतिवादी पक्ष ने यादव को फर्लो देने का पुरजोर विरोध किया लेकिन कोर्ट ने उसकी असहमति से इनकार कर दिया। इससे पहले 11 फरवरी को, दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव की तीन हफ़्ते की फरलो की अर्जी खारिज कर दी थी।

आप उसे फांसी देना चाहते हैं? है ना?
जस्टिस सुंदरेश ने कहा, "आप उसे फांसी देना चाहते हैं? है ना? इस मामले में आपकी सुनवाई का क्या मतलब है? 23 साल बाद, आप चीज़ों को जाने नहीं देना चाहते। हमें चीज़ों को जाने देना चाहिए। ज़िंदगी में हमारी सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि हम चीज़ों को जाने नहीं देते। उसने जो किया, सो हो गया।" जज ने आगे कहा कि ऐसी राहत देने से कभी-कभी कैदी को सुधारने में मदद मिल सकती है। बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस सुंदरेश ने कहा, “मद्रास हाई कोर्ट में, मैंने उन सभी को फर्लो दिया था जिन्हें बम ब्लास्ट केस में उम्रकैद की सज़ा हुई थी। वह समय खत्म होने के बाद और जब वे जेल लौटे, तो उनका बर्ताव बदल गया था। समय के साथ, उनमें पछतावा होने लगा।”

2002 में नीतीश कटारा का अपहरण फिर मर्डर
बता दें कि विकास यादव और उसके भाई विशाल यादव को 2002 में 25 साल के नीतीश कटारा को किडनैप कर उसका मर्डर करने का दोषी पाया गया था। ट्रायल के दौरान इस मामले को कटारा के विकास की बहन के साथ रिश्ते की वजह से हुई ऑनर किलिंग बताया गया था। कटारा को पहले किडनैप किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, उसकी जली हुई बॉडी गाजियाबाद के पास मिली थी। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उसके रिश्तेदार विशाल यादव की भूमिका को लेकर तीन अक्टूबर 2016 को उन्हें बिना किसी छूट के 25 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई थी।

 

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