SBI Branch Manager Cyber Fraud: 2 करोड़ की FD का झांसा, साइबर ठग ने मैनेजर से ठगे 4 लाख

रायपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां SBI की IGKV शाखा की ब्रांच मैनेजर को ठगों ने निशाना बनाया। खुद को एक कार कंपनी का संचालक बताकर करीब 2 करोड़ रुपये की FD कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद फर्जी कॉल और ईमेल से 4.99 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

SBI Branch Manager Cyber Fraud

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 25, 2026

SBI Branch Manager Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की आईजीकेवी शाखा की ब्रांच मैनेजर को जालसाजों ने अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने खुद को एक कार कंपनी का संचालक बताते हुए करीब 2 करोड़ रुपये की सावधि जमा (FD) कराने का प्रस्ताव दिया। बड़ी रकम की FD मिलने की उम्मीद में शुरू हुई बातचीत के बाद ठगों ने अलग-अलग बहानों से बैंक मैनेजर को अपने जाल में फंसा लिया।

फर्जी कॉल और ईमेल के जरिए बनाया भरोसा

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने बैंक मैनेजर से संपर्क करने के लिए फोन कॉल और ईमेल का इस्तेमाल किया। बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी की ओर से बैंक में करीब दो करोड़ रुपये की FD कराई जानी है। इतनी बड़ी राशि के निवेश का प्रस्ताव मिलने के बाद बैंक मैनेजर ने आरोपियों से बातचीत शुरू की। इसी दौरान ठगों ने भरोसा कायम करते हुए उनसे आगे की बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश की।

मेडिकल भुगतान के नाम पर मांगी रकम

आरोपियों ने कुछ समय बाद मेडिकल ट्रांजेक्शन से जुड़ी तत्काल जरूरत का हवाला दिया। उन्होंने बैंक मैनेजर पर रकम जल्द से जल्द ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। बताया गया कि इसी दौरान फर्जी ईमेल के जरिए भुगतान से संबंधित निर्देश भेजे गए। जालसाजों की बातों पर विश्वास करते हुए बैंक मैनेजर ने 4 लाख 99 हजार रुपये RTGS के माध्यम से दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

मुंबई के खाते में पहुंची 4.99 लाख की रकम

शिकायत के मुताबिक, ठगी की रकम RTGS के जरिए मुंबई के कुरला स्थित केनरा बैंक के एक खाते में भेजी गई। आरोपियों ने मेडिकल भुगतान का कारण बताकर यह रकम ट्रांसफर कराई थी। बैंक मैनेजर को जब लेन-देन की वास्तविकता का पता चला, तब उन्हें समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

raipur sbi manager fraud

तेलीबांधा थाने में दर्ज हुई शिकायत

मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां आरोपियों की ओर से इस्तेमाल किए गए फोन नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किस व्यक्ति के खाते में गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।

फर्जी कंपनी की पहचान से भी जांच आगे बढ़ेगी

ठगी के दौरान आरोपियों ने KIA इंटारा कार प्राइवेट लिमिटेड के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह जांच करेगी कि कंपनी का नाम वास्तव में किस तरह इस्तेमाल किया गया और क्या आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज या पहचान के जरिए बैंक अधिकारी का भरोसा जीता था। कॉल और ईमेल के स्रोत की जांच से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

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पहले भी ऐसी ठगी की गई या नहीं, जांच जारी

पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरीके से आरोपियों ने पहले किसी अन्य बैंक अधिकारी, कारोबारी या संस्था को निशाना बनाया है। साइबर टीम बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन और संदिग्ध खातों की गतिविधियों की पड़ताल कर सकती है। इससे पूरे नेटवर्क का पता लगाने में मदद मिलने की संभावना है।

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बड़ी FD का लालच देकर साइबर फ्रॉड से बचें

यह मामला बताता है कि बड़ी FD, निवेश या कारोबारी लेन-देन का लालच देकर भी साइबर ठगी की जा सकती है। किसी अनजान व्यक्ति के फोन या ईमेल पर भरोसा करने से पहले संबंधित कंपनी और व्यक्ति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए। खासकर जब कोई तत्काल भुगतान, मेडिकल खर्च या प्रोसेसिंग के नाम पर RTGS कराने का दबाव बनाए, तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। पुलिस फिलहाल आरोपियों और 4.99 लाख रुपये की रकम से जुड़े सुराग जुटाने में लगी है।

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