Sawan Second Monday: सीएम योगी ने लिखी कांवड़ियों को पाती, कांवड़ यात्रा को बताया समरसता की पाठशाला

सावन के दूसरे सोमवार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के नाम एक खास पाती लिखी। उन्होंने कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता और एकता की पाठशाला बताया। साथ ही कांवड़ियों से यात्रा के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। अब जानिए योगी की पाती में क्या खास संदेश है।

Sawan Second Monday

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 10, 2026

Sawan Second Monday: पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और देशभर से कांवड़ यात्रा में शामिल होने पहुंचे शिवभक्तों के नाम विशेष पत्र लिखा। इस पाती में उन्होंने कांवड़ यात्रा के धार्मिक महत्व के साथ-साथ इसके सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक समरसता की जीवंत पाठशाला है।

कांवड़ यात्रा में भेदभाव की दीवारें होती हैं खत्म

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति के एक सूत्र में जोड़ती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की पहचान जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र या आर्थिक स्थिति से नहीं होती, बल्कि वे सभी कांवड़िये के रूप में एक समान नजर आते हैं। भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और मन में महादेव के प्रति श्रद्धा इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान है।

एक लक्ष्य के लिए आगे बढ़ते हैं करोड़ों शिवभक्त

सीएम योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों के कदम भले ही अलग-अलग गति से आगे बढ़ें, लेकिन सभी का अंतिम लक्ष्य एक ही होता है—भगवान शिव का जलाभिषेक। उनके मुताबिक यह यात्रा सनातन संस्कृति में समभाव और सामाजिक एकता का शानदार उदाहरण पेश करती है। यहां अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग एक साथ चलते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हुए आगे बढ़ते हैं।

समुद्र मंथन से जुड़ी है गंगाजल अर्पित करने की परंपरा

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के पौराणिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला, तब भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए उसे अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष की गर्मी और प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। इसी पौराणिक परंपरा से सावन में गंगाजल अर्पित करने की मान्यता जुड़ी मानी जाती है।

तप, सेवा और एकता का संदेश देती है कांवड़ यात्रा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है। उनके अनुसार तपस्या से चरित्र मजबूत होता है, सेवा से समाज बेहतर बनता है और एकता से राष्ट्र की शक्ति बढ़ती है। उन्होंने शिवभक्तों से इस यात्रा के दौरान इन मूल्यों को अपनाने की अपील की।

दिव्यांग कांवड़ियों का समर्पण बना प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग शिवभक्तों की आस्था और समर्पण का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब वह ऐसे श्रद्धालुओं को कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्साह और निष्ठा के साथ कांवड़ लेकर चलते देखते हैं, तो उनका मन श्रद्धा से भर जाता है। उनके मुताबिक इन शिवभक्तों का अटूट विश्वास और समर्पण कांवड़ यात्रा की वास्तविक शक्ति को दर्शाता है।

कांवड़ मार्ग पर सरकार ने किए व्यापक इंतजाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। यात्रा मार्ग पर शिवभक्तों के स्वागत के लिए कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की जा रही है। इसके अलावा कांवड़ शिविर, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और 24 घंटे चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष नजर

कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

प्लास्टिक मुक्त यात्रा का लिया जाए संकल्प

मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों से तीन महत्वपूर्ण अपीलें भी कीं। उन्होंने पहली अपील में श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का प्रयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को तुरंत दें रास्ता

दूसरी अपील में सीएम योगी ने कांवड़ियों से कहा कि यात्रा मार्ग पर यदि एंबुलेंस या स्कूली बच्चों का वाहन दिखाई दे तो उसे तत्काल रास्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सजगता किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचाने में मदद कर सकती है। इसके लिए सभी श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखने की जरूरत है।

श्रद्धा और अनुशासन से आगे बढ़े कांवड़ यात्रा

मुख्यमंत्री ने अपनी तीसरी अपील में कहा कि कांवड़ यात्रा की असली भावना श्रद्धा, आत्मसंयम, अनुशासन और सेवा में निहित है। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा की गरिमा बनाए रखने और भगवान शिव के लोकमंगल के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सीएम के मुताबिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर कांवड़ यात्रा समाज में एकता और सद्भाव का संदेश दे सकती है।

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