Health Tips: कई महिलाओं को अनुभव होता है कि ठंड के मौसम में मासिक धर्म के दौरान दर्द और ऐंठन पहले से अधिक तीव्र हो जाती है। मूड में बदलाव, थकान और पेट में भारीपन जैसी समस्याएँ भी इस दौरान बढ़ सकती हैं। रिसर्च और क्लिनिकल अनुभव बताते हैं कि सर्दियां पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को कई तरह से प्रभावित करती हैं। आइए जानते हैं इसके कारण और राहत पाने के आसान उपाय।
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सर्दियों में पीरियड पेन बढ़ने के मुख्य कारण
मांसपेशियों का सिकुड़ना
एक चिकित्सक के अनुसार, ठंड में शरीर गर्मी बचाने के लिए ब्लड फ्लो को सीमित कर देता है। इससे गर्भाशय की मांसपेशियां सख्त होकर ज्यादा सिकुड़ती हैं, जिससे ऐंठन और दर्द बढ़ सकता है।
विटामिन D की कमी
सर्दियों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D का स्तर घट जाता है। यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने और सूजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से दर्द, थकान और मूड स्विंग्स बढ़ सकते हैं।
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दर्द के प्रति संवेदनशीलता
ठंड के मौसम में शरीर दर्द को अधिक महसूस करता है। सामान्य ऐंठन भी सर्दियों में तीव्र लग सकती है।
हार्मोनल बदलाव
सर्दियों में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन में बदलाव होता है, जिससे चिड़चिड़ापन, उदासी और पीएमएस के लक्षण बढ़ जाते हैं।
शारीरिक गतिविधियों में कमी
ठंड के कारण लोग कम चलते हैं। इससे पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम होता है और पीरियड दर्द बढ़ सकता है।
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सर्दियों में पीएमएस और मासिक स्वास्थ्य पर असर

इस मौसम में महिलाओं को पेट में भारीपन, पेट फूलना, मीठे खाने की इच्छा, थकान, नींद में कमी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएँ अधिक महसूस होती हैं। पेल्विक ब्लड फ्लो कम होने के कारण दर्द भी बढ़ सकता है।
कैसे पहचानें कि मौसम समस्या बढ़ा रहा है?
यदि ऐंठन ज्यादा हो, पेट और कमर में दबाव महसूस हो, पीएमएस के लक्षण तीव्र हों, थकान अधिक हो, मूड बिगड़े या ब्लीडिंग ज्यादा हो, तो यह मौसम से जुड़ा असर हो सकता है।
सर्दियों में पीरियड दर्द को कम करने के उपाय
- गर्म पानी की बोतल या हीट पैड का उपयोग करें।
- हल्की एक्सरसाइज, योग या वॉक करें।
- विटामिन D से भरपूर भोजन लें, आवश्यकता हो तो डॉक्टर से सप्लीमेंट पर चर्चा करें।
- गुनगुना पानी और हर्बल चाय पिएं।
- फल, सब्ज़ियां और नट्स जैसी सूजन कम करने वाली चीजें शामिल करें।
- तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
- मासिक धर्म और लक्षणों को ट्रैक करें।
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कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि दर्द बहुत तेज हो, कई दिनों तक बना रहे, कामकाज प्रभावित करे, ब्लीडिंग अधिक हो, पीरियड्स अनियमित हों या घरेलू उपायों से राहत न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। संभावित कारणों में एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स या पीसीओएस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आप अत्यधिक दर्द, असामान्य रक्तस्राव, अनियमित पीरियड्स या अन्य गंभीर लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।









