Sanjay Raut News: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त करने की मांग पर अब सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इस पर समर्थन जताते हुए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि राहुल गांधी का गृह मंत्री अमित शाह पर हमला पूरी तरह से सही है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। संजय राउत ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी इस समय देश की आम जनता और युवाओं की सच्ची भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं और गृह मंत्री का इस्तीफा तो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था।
Sanjay Raut ने गिनाईं गृह मंत्री की विफलताएं
बताते चले कि, संजय राउत ने आगे आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि गृह मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलवामा हमला हुआ जिसमें 40 जवान आरडीएक्स से मारे गए थे, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी थी? इसके अलावा पहलगाम में पर्यटकों की हत्या की गई, उसकी भी जिम्मेदारी गृह मंत्री की ही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को जिस क्रूरता के साथ कुचलने की कोशिश की गई, निहत्थे बच्चों पर गोलियां और पैलेट गन चलाई गईं, जिसका पूरा रिकॉर्ड संसद मार्ग की जनरल पुलिस डायरी में दर्ज है, उसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर अमित शाह की ही बनती है।
PM Modi से तुरंत हस्तक्षेप की अपील
संजय राउत ने समर्थन जारी रखते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने जो गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है, वह अकेले उनकी व्यक्तिगत मांग नहीं है, बल्कि यह देश के तमाम युवाओं की सामूहिक और मुखर मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर हमारे बच्चों को मारने की साजिश रची है, इसलिए पूरी जवाबदेही सरकार की है। यदि विपक्ष इस्तीफा मांग रहा है, तो देश के प्रधानमंत्री को खुद आगे आकर इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए और गृह मंत्री का इस्तीफा ले लेना चाहिए। राउत ने आरोप लगाया कि अमित शाह का बर्ताव जनरल डायर जैसा रहा है और इस्तीफा मांगना एक बड़ा राष्ट्रीय कर्तव्य है।
एंटी पेपर लीक बिल पर संजय राउत का करारा तंज
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास किए जाने पर तंज कसते हुए संजय राउत ने बड़ा दावा किया कि इस तरह के नए कानूनों से कुछ भी नहीं बदलने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की तमाम यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर (कुलपति) के पदों पर उन्हीं के लोग बैठे हैं और पेपर सेट करने वाली पूरी टीम में भी उन्हीं के लोग शामिल हैं। राउत ने दावा किया कि असल में पेपर लीक वहीं से होता है, इसलिए सिर्फ कानून बनाने से सिस्टम की खामियां दूर नहीं हो सकतीं।










