Womens Reservation Bill: संजय राउत की भविष्यवाणी “राहुल गांधी ने डाल दिया है सरकार के गले में फंदा”

संसद में दो-तिहाई बहुमत न होने के कारण महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिर गया है। इस पर संजय राउत ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। राउत ने आरोप लगाया कि यह बिल बीजेपी की एक राजनीतिक साजिश थी, जिसका मकसद परिसीमन के जरिए दक्षिण भारत को कमजोर करना था।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 18, 2026

Womens Reservation Bill: संसद में दो-तिहाई बहुमत की कमी के चलते महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इसे विपक्ष अपनी एक बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देख रहा है। राहुल गांधी द्वारा सदन में दी गई चुनौती के सफल होने के बाद अब सहयोगी दलों ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

लोकतंत्र को बचाने वाले आंदोलन का चेहरा बने राहुल गांधी

बताते चले कि, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कल जिस तरह से विपक्ष को एकजुट किया, वह देश के लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन का नेतृत्व करने जैसा है। राउत ने राहुल गांधी को एक ‘अत्यंत प्रभावशाली नेता’ बताते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में विपक्ष ने एक हारी हुई बाजी को बड़ी जीत में बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में राहुल की ललकार ने सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

क्षेत्रीय भाषाओं और मराठी की अनिवार्यता पर जोर

आपको बता दे कि, मातृभाषा के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए संजय राउत ने कहा कि हर राज्य में स्थानीय भाषा को प्राथमिकता देना सरकार और आरएसएस की घोषित नीति है। उन्होंने महाराष्ट्र में मराठी भाषा की अनिवार्यता का पुरजोर समर्थन किया। राउत का तर्क है कि जो लोग महाराष्ट्र में रहते हैं, वहां से आजीविका कमाते हैं या पढ़ाई करते हैं, उन्हें स्थानीय भाषा का ज्ञान होना ही चाहिए। उन्होंने इसे सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से सही कदम बताया।

राजनीतिक षड्यंत्र का पर्दाफाश

संजय राउत ने महिला आरक्षण विधेयक को भाजपा की एक राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह बिल महिलाओं के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि मतदाताओं के समीकरणों के साथ हेरफेर करने के लिए लाया गया था। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार इस कानून की आड़ में लोकसभा सीटों की संख्या को अपने स्वार्थ के अनुसार बढ़ाना चाहती थी, लेकिन संसद में उनकी यह योजना धराशायी हो गई। राउत ने इसे ‘मोदी युग के अंत की शुरुआत’ बताया।

अल्पमत की बैसाखियों पर टिकी केंद्र सरकार

संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनकी सत्ता केवल 16 सांसदों के नाजुक बहुमत पर टिकी हुई है। उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि ये 16 सांसद भी साथ छोड़ दें, तो सरकार को अपना बोरिया-बिस्तर बांधना पड़ेगा। संजय राउत के अनुसार, राहुल गांधी ने इन सांसदों की भूमिका को राजनीतिक रूप से इतना संवेदनशील बना दिया है कि सरकार अब पूरी तरह दबाव में है।

परिसीमन का खेल और उत्तर-दक्षिण भारत में दरार

विधेयक की बारीकियों पर चर्चा करते हुए राउत ने परिसीमन की प्रक्रिया को एक खतरनाक खेल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राजनीतिक मानचित्र को इस तरह बदलना चाहती है जिससे दक्षिण भारत के राज्य कमजोर हो जाएं और केवल दो-चार बड़े राज्यों के दम पर देश की राजनीति तय की जा सके। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इस बिल के बहाने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच गहरा मतभेद पैदा करने की कोशिश की है, जिसे विपक्ष सफल नहीं होने देगा।