Sanjay Raut News: संजय राउत ने चुनाव आयोग को बताया ‘सत्ता का हथियार’, बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर कही ये बड़ी बात

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सूरत में मजदूरों के पलायन और पुलिसिया कार्रवाई पर गुजरात सरकार को आड़े हाथों लिया। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि गुजरात में असली सत्ता अभी भी मोदी-शाह के पास है। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए चुनाव आयोग पर दुरुपयोग का आरोप लगाया।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 20, 2026

Sanjay Raut News: गुजरात प्रशासन पर निशाना साधा है। सूरत में मजदूरों के पलायन और भारी भीड़ के बीच हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर संजय राउत ने गुजरात के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि गुजरात में आज भी सत्ता की बागडोर केवल पीएम मोदी और अमित शाह के हाथों में है। सूरत के उधना स्टेशन पर मची अफरा-तफरी को लेकर उन्होंने राज्य की बदहाली और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा है।

उधना स्टेशन पर बेकाबू भीड़ और बदहाली

बताते चले कि, सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार (19 अप्रैल) को प्रवासी मजदूरों का पलायन और औद्योगिक मंदी (Migration of laborers and Industrial slowdown) की भयावह तस्वीर देखने को मिली। गर्मी की छुट्टियों और काम की कमी के चलते हजारों की संख्या में मजदूर अपने घरों को लौटने के लिए स्टेशन पर उमड़ पड़े। इस दौरान भीड़ नियंत्रण और पुलिस बल का प्रयोग (Crowd control and police force) करते हुए पुलिस को बैरिकेड्स पर लाठियां चलानी पड़ीं ताकि भगदड़ जैसी स्थिति को रोका जा सके। संजय राउत ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि लोगों के पास रोजगार नहीं है और उनके चूल्हे बंद हो गए हैं, जिससे वे भागने पर मजबूर हैं।

महिला आरक्षण और देवेंद्र फडणवीस पर निशाना

महिला आरक्षण के मुद्दे पर संजय राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए महिला आरक्षण विधेयक और राष्ट्रपति की मंजूरी (Women’s Reservation Bill and Presidential Assent) का मुद्दा उठाया। संजय राउत ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 से जब यह कानून पूरे देश में लागू हो चुका है, तो अब भाजपा पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल नारी शक्ति के नाम पर राजनीतिक श्रेय लेना चाहती थी, लेकिन अब जमीनी हकीकत पर बात करने से कतरा रही है।

परिसीमन का विरोध और चुनावी रणनीति

संजय राउत ने लोकसभा सीटों के पुनर्गठन यानी परिसीमन का कड़ा विरोध करते हुए इसे सत्ता हथियाने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि जिस मतदार संघ की पुनर्रचना और गैर-कानूनी परिसीमन (Delimitation and illegal restructuring of constituencies) के जरिए भाजपा 850 सीटें करने की योजना बना रही थी, विपक्ष ने उसे रोककर लोकतंत्र को बचाया है। राउत के अनुसार, भाजपा सत्ता का केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करना चाहती है ताकि वे जिंदगी भर सरकार में बने रहें, लेकिन देश की जनता अब उनके झांसे में नहीं आने वाली।

ममता बनर्जी के समर्थन में राउत के बोल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच संजय राउत ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और सरकारी मशीनरी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बंगाल में इलेक्शन मशीनरी का दुरुपयोग विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है। राउत ने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि वह जो कर रही हैं, वह केंद्र की दमनकारी नीतियों के खिलाफ बिल्कुल ठीक है। उन्होंने साफ किया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवैधानिक स्वायत्तता को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।