Sanjay Raut On Government: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के प्रमुख सांसद संजय राउत ने एक बार फिर केंद्र सरकार और देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। गृह मंत्री के हालिया पुणे दौरे पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा कि गृह मंत्री चुपचाप रात के अंधेरे में पुणे आए हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके स्वागत में बड़े-बड़े बैनर लगाकर उन्हें ‘देश का चाणक्य’ बताया है। संजय राउत ने बेहद कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि इस पद पर बैठे व्यक्ति को गृह मंत्रालय चलाने की कोई परवाह नहीं है, बल्कि वे वर्तमान में इस पद का इस्तेमाल करके व्यापारियों और गुंडों का एक ‘गैंग’ चला रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों पर गृह मंत्री की जिम्मेदारी
अपने बयानों को और तीखा करते हुए संजय राउत ने केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों और नेताओं को राजनीतिक रूप से खत्म करने का कुत्सित प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में लगातार हो रहे आतंकी हमलों और निर्दोष नागरिकों की मौतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां लगातार मासूम लोग मारे जा रहे हैं और आतंकवादी देश की सीमा पार करके घुसपैठ कर रहे हैं, जिसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री अमित शाह की ही बनती है।
प्रधानमंत्री से ऊपर उठकर काम करने का आरोप
संजय राउत ने आगे यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री अपनी ताकतों का इस्तेमाल प्रधानमंत्री कार्यालय से भी ऊपर उठकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन के भीतर और बाहर प्रदर्शन कर रहा है। संजय राउत ने सवाल उठाया कि जब संसद में ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा चल रही थी, तब देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों ही सदन से नदारद क्यों थे? उन्होंने इसे ‘वंदे मातरम्’ और संसद की गरिमा का सीधा अपमान करार दिया।
वंदे मातरम् की चर्चा के दौरान संसद से गैरहाजिरी और सरकार पर अपमान का आरोप
वंदे मातरम् की ऐतिहासिक रचना के 150 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए राउत ने तंज कसा कि प्रधानमंत्री खुद को देश का सबसे बड़ा देशभक्त होने का दावा करते हैं, हालांकि देश की आजादी की लड़ाई में उनकी या उनकी वैचारिक पृष्ठभूमि के लोगों की कोई भूमिका नहीं रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इतनी ही देशभक्त है और उसने राष्ट्रगान या वंदे मातरम् के अपमान के खिलाफ कानून बनाने की बात कही है, तो ऐसे विशेष सत्र के दौरान सदन में मौजूद रहना उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी, लेकिन वे गायब रहे, जिससे यह साबित होता है कि सरकार ने खुद वंदे मातरम् का अपमान किया है।
गृह मंत्री का मौन और इस्तीफे की मांग पर शिवसेना का अल्टीमेटम
कुलगाम में हुए खौफनाक आतंकी हमले पर अपनी गहरी संवेदना और प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संजय राउत ने कहा कि वे इस पर क्या कहें, इस पर तो खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह को देश की जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने देश के पूर्व के बड़े आतंकी हादसों जैसे पुलवामा और पहलगाम का हवाला देते हुए कहा कि अब देश में दो और लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा इस पर एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं है। राउत ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब यह सरकार सत्ता में बने रहने के बिल्कुल भी लायक नहीं है और इन्हें नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।










