Bihar CM Samrat Choudhary Oath: बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। बुधवार को हुए इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही राज्य में एनडीए सरकार के एक नए अध्याय का आगाज हो गया है। इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर मंत्रिपरिषद भंग करने की घोषणा की थी।
नीतीश कुमार का त्यागपत्र
बताते चले कि, मंगलवार को बिहार की सियासत में उस वक्त बड़ी हलचल हुई जब नीतीश कुमार ने लोक भवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे से पहले उन्होंने कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने मंत्रिपरिषद भंग करने के निर्णय की जानकारी दी। राज्यपाल को त्यागपत्र देने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए 2005 से अब तक के अपने कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित हुआ और समाज के हर वर्ग के विकास के लिए काम किया गया। उन्होंने नई सरकार को अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।
सम्राट चौधरी का शुरुआती सियासी सफर
सम्राट चौधरी का राजनीति में उदय लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पाठशाला से हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में सत्ता और विपक्ष की बारीकियों को समझा। उनके पिता, शकुनी चौधरी, लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते थे। सम्राट ने 1990 के दशक में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की और 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। आरजेडी में करीब दो दशकों तक सक्रिय रहने के दौरान उन्होंने विपक्ष के मुख्य सचेतक के रूप में भी अपनी धारदार राजनीति का परिचय दिया।
बीजेपी में सम्राट चौधरी का राजनीतिक उत्थान
2014 में आरजेडी का साथ छोड़कर सम्राट चौधरी कुछ समय के लिए जेडीयू में रहे, लेकिन उनकी असली राजनीतिक ऊंचाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आने के बाद दिखी। बीजेपी ने उन्हें बिहार इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर बड़ी जिम्मेदारी दी। इससे पहले वे नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके थे। संजय जायसवाल की जगह अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत किया, जिसका परिणाम आज उन्हें सूबे के सर्वोच्च पद (मुख्यमंत्री) के रूप में मिला है।
एनडीए सरकार का नया स्वरूप
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही सम्राट चौधरी के सामने अब बिहार के विकास और आगामी चुनावों में एनडीए को मजबूती देने की बड़ी चुनौती है। दो बार डिप्टी सीएम रह चुके सम्राट अब बिहार सरकार के मुखिया के तौर पर राज्य की कमान संभालेंगे। जानकारों का मानना है कि उनका अनुभव और ओबीसी समुदाय में उनकी पकड़ बीजेपी के लिए मील का पत्थर साबित होगी। नीतीश कुमार के समर्थन और बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे के साथ सम्राट चौधरी की यह नई पारी बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगी।









