महीने में 2 बार सैलरी मिलेगी, सरकार का नया कदम, जानें पूरी जानकारी और गणित

काठमांडू  खर्च बढ़ाने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नेपाल की नई बालेंद्र शाह सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर बड़ा फैसला किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक हर सरकारी कर्मियों को अब से हर दो हफ्ते में सैलरी दी जाएगी।  फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों ने इस संबंध में  बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने  इस बारे में फ़ैसला लिया और जरूरी इंतजाम करने के लिए फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस को एक लेटर भेजा है. नए नियम के अनुसार, कर्मचारियों की मौजूदा महीने की सैलरी को दो हिस्सों में बांटा जाएगा और हर दो

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Published On :

अप्रैल 23, 2026

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काठमांडू 
खर्च बढ़ाने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नेपाल की नई बालेंद्र शाह सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर बड़ा फैसला किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक हर सरकारी कर्मियों को अब से हर दो हफ्ते में सैलरी दी जाएगी। 

फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों ने इस संबंध में  बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने  इस बारे में फ़ैसला लिया और जरूरी इंतजाम करने के लिए फाइनेंशियल कंट्रोलर जनरल ऑफिस को एक लेटर भेजा है. नए नियम के अनुसार, कर्मचारियों की मौजूदा महीने की सैलरी को दो हिस्सों में बांटा जाएगा और हर दो हफ्ते में इसे दिया जाएगा. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को सरकारी कर्मचारियों को हर 15 दिन में सैलरी बांटने का निर्देश दिया है। 

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का मकसद यह पक्का करना है कि कर्मचारियों को समय पर पेमेंट मिले, जिससे खर्च बढ़ेगा और इकॉनमी में नई जान आएगी. कंट्रोलर जनरल के ऑफिस के एक अधिकारी ने इस बात को कन्फर्म किया है कि मंत्रालय से एक सर्कुलर मिला है और यह फैसला जल्द ही लागू किया जाएगा। 

सिलसिलेवार समझें सैलरी का पूरा गणित

    भारत के पड़ोसी देश नेपाल में अब से हर सरकारी कर्मचारियों को 15-15 दिन सैलरी दी जाएगी.
    इसका मतलब महीने की सैलरी को दो हिस्सों में बांटा जाएगा.
    इसके पीछे सरकार का उद्देश्य देश की इकॉनमी को मजबूत करना है.
    इसके पीछे मार्केट खर्च को बढ़ाने की कोशिश भी है.
    कानूनी बदलाव की भी जरूरत हो सकती है. 

अब जानते हैं सरकार ने क्यों लिया यह फैसला

    काफी समय से नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी धीमी चल रही है.
    नेपाल की नई सरकार का मानना है कि महीने में दो बार सैलरी मिलने से लोगों के पास पैसा जल्दी-जल्दी पहुंचेगा और वे लोग इसे खर्च भी करेंगे.
    खर्च बढ़ने से बाजार में सामानों की डिमांड बढ़ेगी। 
    रुपयों का फ्लो तेजी से होगा.
    इससे इकॉनमी की स्थिति सुधरेगी.

यह भी जानें
पहले सैलरी महीने में एक बार आती थी. नए नियम के मुताबिक अब हर 15 दिन पर सैलरी आया करेगी. ऐसे समझिए, जैसे नेपाल में किसी सरकारी कर्मचारी की महीने की सैलरी 50 हजार है, तो 15-15 दिन पर उसे 25-25 हजार रुपये मिलेंगे। 

अन्य देशों में भी लागू है सैलरी का यह नियम
नेपाल ऐसा पहला देश नहीं है, जहां हर 15 दिन पर सैलरी मिला करेगी. अन्य देशों जैसे- अमेरिका में भी हर सरकारी कर्मचारी को हफ्ते में 2 बार सैलरी दी जाती है. इसके अलावा कनाडा में भी सैलरी का यह नियम लागू है. यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) में भी कुछ सेक्टर्स में हर 15 दिन में सैलरी दी जाती है. वहीं, मैक्सिको में भी यह नियम फॉलो किया जाता है। 

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