Sajjan Kumar Condolence : नितिन नवीन ने तीन BJP सांसदों को लगाई फटकार, सज्जन कुमार के घर जताया था शोक

सज्जन कुमार के घर शोक जताने पहुंचे तीन BJP सांसदों को लेकर पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। नितिन नवीन ने कथित तौर पर सांसदों को फटकार लगाई। आखिर ऐसा क्या था जिसने पार्टी नेतृत्व को नाराज कर दिया? इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

Sajjan Kumar Condolence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 29, 2026

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Sajjan Kumar Condolence : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के तीन सांसदों के एक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर नाराजगी जताई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भाजपा सांसद 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार की शोकसभा में शामिल हुए थे। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रामवीर सिंह बिधूड़ी समेत तीन सांसदों पर नाराजगी

जानकारी के मुताबिक, भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत और योगेंद्र चंदोलिया सज्जन कुमार की शोकसभा में शामिल हुए थे। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों सांसदों को अपने पास बुलाया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष ने सज्जन कुमार के घर और शोक कार्यक्रम में उनके पहुंचने को लेकर नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि सांसदों ने इस दौरे की जानकारी पहले पार्टी नेतृत्व को नहीं दी थी।

पार्टी नेतृत्व को बिना बताए पहुंचे थे सांसद

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व की नाराजगी की मुख्य वजह यह थी कि तीनों सांसदों ने सज्जन कुमार के परिवार से मिलने और शोकसभा में शामिल होने से पहले पार्टी को इसकी जानकारी नहीं दी। हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी अध्यक्ष द्वारा सांसदों को बुलाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

1984 दंगा मामले में दोषी थे सज्जन कुमार

सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए गए थे। वह इस मामले में तिहाड़ जेल में दोहरी उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उनके खिलाफ लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था। दंगों के मामलों में उनकी भूमिका को लेकर दिल्ली की राजनीति में लंबे समय तक विवाद बना रहा।

20 अगस्त को हुआ सज्जन कुमार का निधन

जेल में सजा काट रहे सज्जन कुमार का 20 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार और समर्थकों की ओर से शोकसभा का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम में भाजपा के तीन सांसद भी पहुंचे थे। उनके इस दौरे को लेकर अब भाजपा नेतृत्व की नाराजगी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद पार्टी और विपक्षी राजनीति में भी इसे लेकर चर्चा होने लगी है।

तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके थे

सज्जन कुमार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे थे और उन्होंने बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। वह तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए थे। लंबे समय तक दिल्ली की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका रही। हालांकि, 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनके राजनीतिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा।

दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस से दिया इस्तीफा

सज्जन कुमार को 2018 में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। दंगा मामले में दोषसिद्धि के बाद उनका सक्रिय राजनीतिक जीवन लगभग समाप्त हो गया। इसके बावजूद उनके परिवार और समर्थकों के बीच उनका राजनीतिक प्रभाव और पुराना जुड़ाव बना रहा।

भाजपा सांसदों के दौरे ने खड़े किए सवाल

भाजपा के तीन सांसदों का सज्जन कुमार के परिवार से मिलने पहुंचना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भाजपा लंबे समय से 1984 के सिख विरोधी दंगों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरती रही है। ऐसे में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद की शोकसभा में भाजपा नेताओं की मौजूदगी को लेकर पार्टी नेतृत्व ने आपत्ति जताई है। हालांकि, सांसदों के दौरे के पीछे उनकी व्यक्तिगत संवेदना और कार्यक्रम में शामिल होने के कारणों को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

नितिन नवीन की नाराजगी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

फिलहाल इस पूरे मामले में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नाराजगी चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने तीनों सांसदों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा और उनके दौरे पर आपत्ति दर्ज कराई। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है। घटना ने 1984 के दंगा मामले और उससे जुड़े राजनीतिक विवाद को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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