Mamta Kulkarni on Shankaracharya Controversy: पूर्व अभिनेत्री से साध्वी बनी ममता कुलकर्णी अपने बेबाक और विवादित अंदाज के कारण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। मुंबई में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने धर्म, राजनीति और बॉलीवुड जैसे विविध विषयों पर अपनी राय रखी। उनके निशाने पर इस बार न केवल राजनेता थे, बल्कि उन्होंने हिंदू धर्मगुरुओं और आध्यात्मिक व्यवस्था पर भी कड़े सवाल दागे।
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अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति पर विवाद
बताते चले कि, ममता कुलकर्णी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उन्हें ‘शंकराचार्य’ के पद पर किसने आसीन किया? उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों की भीड़ के बीच रथ लेकर शक्ति प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। ममता ने गंभीर आरोप लगाया कि धार्मिक नेतृत्व की चूक के कारण ही शिष्यों को शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनके अनुसार, चाहे वह राजा हो या रंक, कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति को अपने पद का अहंकार नहीं करना चाहिए।
ममता कुलकर्णी का बड़ा दावा
संत समाज की आलोचना करते हुए ममता ने दावा किया कि वर्तमान में दस में से नौ महामंडलेश्वर और तथाकथित धर्मगुरु छद्म हैं और उन्हें आध्यात्मिक विषयों का ‘शून्य ज्ञान’ है। अपने गुरु को नाथ संप्रदाय का सच्चा तपस्वी बताते हुए उन्होंने ऋग्वेद के ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म और राजनीति का मेल समाज के लिए हानिकारक है और संतों को केवल तपस्या पर ध्यान देना चाहिए।
देश की सियासत पर दिया बड़ा बयान
देश की सियासत पर बात करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मोदी के अलावा कोई विकल्प नहीं है और वे भविष्य में भी बने रहेंगे। हालांकि, कांग्रेस के संदर्भ में उन्होंने चौंकाने वाला बयान देते हुए प्रियंका गांधी को राहुल गांधी की तुलना में अधिक सक्षम और काबिल नेता बताया।
बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर ‘महाकाली’ की कृपा का उल्लेख
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत को आध्यात्मिक शक्ति से जोड़ा। साध्वी ममता के अनुसार, पिछले चुनावों में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन ममता बनर्जी की जीत महाकाली के आशीर्वाद का परिणाम थी। हालांकि, उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री को सलाह भी दी कि उन्हें किसी भी मुद्दे पर अतिवादी या ‘एक्सट्रीम’ रुख अपनाने से बचना चाहिए।
अखिलेश यादव से गोहत्या पर सवाल और बॉलीवुड से स्थायी दूरी
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए ममता ने पूछा कि क्या वे गोहत्या रोकने का ठोस संकल्प ले सकते हैं? उन्होंने अखिलेश से इस मुद्दे पर स्पष्ट आश्वासन की मांग की। साथ ही, उन्होंने अपने भविष्य की योजनाओं को साफ करते हुए कहा कि वे इस जन्म में दोबारा ग्लैमर की दुनिया या बॉलीवुड में कदम नहीं रखेंगी। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि वे जल्द ही महामंडलेश्वर के पद से भी मुक्त होना चाहती हैं ताकि एकांत में साधना कर सकें।
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