Asha Bhosle Funeral : आशा भोसले को अंतिम विदाई देते हुए फूट-फूटकर रोए सचिन तेंदुलकर, भावुक वीडियो देख देश की आंखें हुईं नम!

सुर साम्राज्ञी आशा भोसले के निधन से पूरा देश शोक में डूबा है। लेकिन जब सचिन तेंदुलकर उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। फूट-फूटकर रोते सचिन का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। आखिर आशा ताई और सचिन के बीच क्या था वो खास रिश्ता?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 13, 2026

Asha Bhosle Funeral :  मुंबई में आयोजित एक शोक सभा के दौरान बेहद भावुक नजारा देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर सुर सम्राज्ञी आशा भोसले को अंतिम विदाई देते हुए अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ आशा ताई के परिजनों से बात करते हुए रुमाल से अपनी आंखें पोंछते नजर आ रहे हैं। यह क्षण केवल एक श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि उन दो महान हस्तियों के बीच के उस अटूट और गहरे आत्मीय रिश्ते का प्रमाण था, जो दशकों से चला आ रहा था।

सचिन और आशा भोसले: मां-बेटे जैसा था गहरा रिश्ता

सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले के बीच का संबंध किसी पेशेवर जान-पहचान से कहीं ऊपर था। क्रिकेट और संगीत की इन दो विभूतियों के बीच मां-बेटे जैसा स्नेह था। आशा भोसले ने कई साक्षात्कारों में सचिन के प्रति अपनी ममता जाहिर की थी। सचिन भी उन्हें अपनी मां समान सम्मान देते थे। यह रिश्ता केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों परिवारों के बीच गहरी नजदीकियां थीं। सचिन के घर के हर महत्वपूर्ण अवसर पर आशा जी की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती थी।

अर्जुन तेंदुलकर की शादी का रिसेप्शन बना आखिरी मुलाकात

आशा भोसले का तेंदुलकर परिवार से जुड़ाव इतना गहरा था कि वह बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद उनके पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होती थीं। हाल ही में सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की शादी के रिसेप्शन में उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय रही थी। दुर्भाग्यवश, वह रिसेप्शन आशा जी की आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति साबित हुआ। उनके निधन से करीब एक महीने पहले सचिन के परिवार के साथ बिताए वे पल अब सुनहरी यादें बनकर रह गए हैं।

पद्म विभूषण: सम्मान और साझी विरासत

दिलचस्प बात यह है कि सचिन तेंदुलकर और आशा भोसले, दोनों को ही वर्ष 2008 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। एक ही वर्ष में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने वाले इन दोनों दिग्गजों ने अपने-अपने क्षेत्रों—क्रिकेट और संगीत—में भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। यह संयोग उनके बीच के सम्मान और गौरव की साझी विरासत को और भी मजबूती प्रदान करता है।

क्रिकेट जगत में शोक की लहर: युवराज और ब्रेट ली ने दी श्रद्धांजलि

आशा भोसले के निधन की खबर मिलते ही क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भावुक पोस्ट साझा कर उन्हें याद किया। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ब्रेट ली ने भी अपनी यादें ताजा कीं। ब्रेट ली ने आशा जी के साथ एक म्यूजिक एल्बम में काम किया था। उन्होंने आशा ताई की सादगी, गर्मजोशी और संगीत के प्रति उनके समर्पण को अद्भुत बताया। क्रिकेटरों का मानना है कि आशा जी की आवाज उनके ड्रेसिंग रूम से लेकर व्यक्तिगत जीवन तक का अहम हिस्सा रही है।

लता और आशा: दोनों बहनों के लाड़ले थे सचिन

सचिन तेंदुलकर का केवल आशा भोसले ही नहीं, बल्कि उनकी बड़ी बहन और स्वर कोकिला लता मंगेशकर से भी बेहद करीबी रिश्ता था। सचिन अक्सर लता दीदी के घर जाकर उनसे आशीर्वाद लिया करते थे। लता जी और आशा जी, दोनों ही बहनें सचिन को अपने घर के सदस्य जैसा मानती थीं। सचिन ने कई बार मंचों पर यह स्वीकार किया है कि इन दोनों महान बहनों का प्यार उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यही कारण है कि आशा भोसले के जाने के बाद सचिन का हृदय भर आया और वह स्वयं को संभाल नहीं सके। उनका यह भावुक होना पूरे देश की भावनाओं का प्रतिबिंब है।

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