Sabarimala Gold Case: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सबरीमाला मंदिर सोना चोरी मामले को लेकर नई बयानबाजी की है। हाल ही में मीडिया में उन्नीकृष्णन पट्टी के साथ सोनिया गांधी की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद और UDF संयोजक अदूर प्रकाश भी मौजूद थे। विजयन ने सवाल उठाया कि ऐसे आरोपियों को देश की सबसे अधिक सुरक्षा वाली नेता से मिलने की अनुमति कैसे मिली।
Sabarimala Gold Case: कांग्रेस पर सख्त हमला
विजयन ने कहा, “वे देश की सबसे अधिक सुरक्षा वाली नेता सोनिया गांधी के घर कैसे पहुंचे? इस मीटिंग में उनका क्या रोल था और इसके पीछे कौन था?” मुख्यमंत्री ने फोटो में दिख रहे सभी व्यक्तियों की पहचान की और कहा कि इससे पहले कि मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की जाए, विपक्ष को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
Sabarimala Gold Case: सबरीमाला सोना चोरी की पृष्ठभूमि
सबरीमाला मंदिर सोना चोरी का मामला 2019 का है। उस समय मंदिर की मूर्तियों और दरवाजों पर लगे सोने के आवरण को मरम्मत के लिए तमिलनाडु भेजा गया। कथित तौर पर लगभग 4 किलो सोना गायब हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पट्टी ने इस सोने को चेन्नई की एक कंपनी तक पहुंचाया।
सोने की चोरी का विस्तार
19 जुलाई 2019 को मंदिर के द्वारपाल की मूर्ति और दरवाजों पर सोने के आवरण खोले गए थे। उस समय सोने का कुल वजन 42.8 किलो था। बाद में 39 दिनों में केवल 38.26 किलो सोना चेन्नई पहुँचा। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सोना सीधे चेन्नई नहीं गया, बल्कि कुछ हिस्से केरल के कोट्टायम मंदिर, आंध्र प्रदेश के मंदिर और बेंगलुरु के अयप्पा मंदिर में ले जाए गए।
मुख्य आरोपियों की पहचान
मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पट्टी और गोवर्धन नाम के सोने व्यापारी हैं। उन्नीकृष्णन पट्टी मूर्तियों की मरम्मत में मदद कर रहे थे। इस मामले में SIT ने पहले ही दोनों को गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर कुछ सोने का कवर मलयालम अभिनेता जयराम के घर पूजा के लिए भी ले जाया गया।
केरल हाईकोर्ट ने SIT जांच आदेशित की
केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। कोर्ट ने SIT को अगले छह हफ्तों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि मंदिर से सोने की चोरी में सोनिया गांधी की सीधे तौर पर भूमिका हो सकती है क्योंकि उन्नीकृष्णन पट्टी पहले सोनिया गांधी के नियमित संपर्क में थे।
कांग्रेस के आरोपों का खंडन
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केरल के मुख्यमंत्री का कार्यालय SIT की जांच में दखल दे रहा है। कांग्रेस का यह भी कहना था कि जांचकर्ताओं ने पूर्व मंत्री और CPI(M) नेता कडकम्पल्ली सुरेंद्रन से गुप्त रूप से पूछताछ की। इस पर पिनाराई विजयन ने साफ तौर पर इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि उनका कार्यालय जांच में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर रहा।मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जोर दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और जनता को सभी सवालों के जवाब मिलना आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि फोटो में दिख रहे लोगों की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में SIT की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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