Russia Ukraine War: यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस में तबाही, वेयरहाउस पर हमला, 9 की मौत, 80 घायल

रूस में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद कई इलाकों में नुकसान की खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार हमलों में वेयरहाउस समेत कुछ ठिकाने प्रभावित हुए, जिसमें 9 लोगों की मौत और 80 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। दोनों देशों के बीच जारी युद्ध में यह हमला तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। पूरी जानकारी जानिए।

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 19, 2026

Russia Ukraine War : यूक्रेन ने शनिवार को रूस के भीतर एक व्यापक और समन्वित ड्रोन हमला किया, जिसने रूसी रसद (logistics) और सैन्य बुनियादी ढांचे को गहरा आघात पहुँचाया है। इस हमले में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ‘वाइल्डबेरीज’ के दो प्रमुख वेयरहाउस, एक महत्वपूर्ण ऑयल डिपो और कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों के परिणामस्वरूप 9 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है और 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हमला यूक्रेन की सीमा से काफी दूर स्थित इलाकों में हुआ, जिसने रूसी सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।

वेयरहाउस में तबाही और जनहानि का मंजर

सबसे भीषण हमला तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क स्थित वाइल्डबेरीज वेयरहाउस पर हुआ, जो यूक्रेनी सीमा से लगभग 360 किलोमीटर दूर स्थित है। तांबोव के गवर्नर येवगेनी पेरविशोव ने बताया कि रात की शिफ्ट के दौरान हुए इस हमले में 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हुए। इसके अलावा, मॉस्को से 50 किलोमीटर पूर्व स्थित इलेक्ट्रोस्टाल के वेयरहाउस पर भी ड्रोन गिरे, जहाँ 61 लोग घायल हुए। घायलों में से एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसी बीच, नोगिंस्क के एक ऑयल डिपो पर हुए हमले से भीषण आग लग गई, जिसके बाद सुरक्षा के दृष्टिगत नजदीकी मैटरनिटी हॉस्पिटल और आवासीय इमारतों को खाली कराना पड़ा। एक अन्य ड्रोन का मलबा किंडरगार्टन पर गिरने से भी दहशत फैल गई।

जेलेंस्की का दावा: ‘वैध सैन्य लक्ष्यों’ पर निशाना

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों का बचाव करते हुए कहा कि ये ठिकाने केवल व्यावसायिक नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉस्को और तांबोव क्षेत्र के इन लॉजिस्टिक केंद्रों का उपयोग रूस द्वारा ड्रोन निर्माण और प्रतिबंधित विदेशी पुर्जों की तस्करी के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए रूसी सैन्य मशीनरी को हर संभव तरीके से कमजोर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, यूक्रेन ने आजोव सागर और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में भी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। यूक्रेनी सेना ने नोगिंस्क के ऑयल डिपो को रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बताया है।

समुद्र और जमीनी ठिकानों पर भी जोरदार प्रहार

यूक्रेन ने केवल जमीनी ठिकानों तक ही सीमित न रहते हुए समुद्री और परिवहन ढांचे को भी निशाना बनाया। यूक्रेनी सेना ने ब्लैक सी और आजोव सागर में दो रूसी टैंकरों, दो फ्लोटिंग क्रेन, एक टगबोट और केर्च के पास एक गश्ती जहाज को क्षतिग्रस्त करने का दावा किया है। साथ ही, लुहांस्क क्षेत्र में बिला नदी पर बने रेलवे पुल को नष्ट कर दिया गया, जो रूसी सेना के लिए हथियारों और रसद की आपूर्ति का एक मुख्य मार्ग था।

रूस का रक्षात्मक दावा और युद्ध की वास्तविकता

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 19 क्षेत्रों, क्रीमिया और समुद्री इलाकों में कुल 379 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है। हालांकि, रूसी दावों के बावजूद यह स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुँचने में सफल रहे, जिससे रूस की लॉजिस्टिक और परिवहन व्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचा है। युद्ध की यह नई रणनीति दर्शाती है कि यूक्रेन अब सीधे रूस के भीतरी इलाकों में स्थित आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो भविष्य के सैन्य संघर्षों में निर्णायक साबित हो सकता है।

Read More :  Cross Border Terrorism : 67 देशों की बैठक में भारत ने क्या उठाया, रूबियो क्यों रहे खामोश जानिए