Russia Ukraine War : पुतिन की फौज से लड़ते-लड़ते कंगाल हुआ यूक्रेन? रूस ने किया खौफनाक दावा

रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल बाद मास्को के आर्थिक मंच से यूक्रेन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया गया है। रूसी विश्लेषकों का कहना है कि कीव की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन क्या प्रतिबंधों से जूझ रहा रूस खुद आर्थिक कंगाली की तरफ बढ़ रहा है?

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 13, 2026

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे सैन्य संघर्ष के बीच यूक्रेन की आर्थिक स्थिति (माली हालत) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा सामने आया है। रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ (TASS) की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2022 में दोनों देशों के बीच जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन पर कर्ज का बोझ अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक यूक्रेन का कुल कर्ज 110 बिलियन (अरब) डॉलर यानी करीब 10 लाख 46 हजार 215 करोड़ भारतीय रुपये और ज्यादा बढ़ गया है। इसके साथ ही यूक्रेन का कुल संचयी कर्ज अब 208.97 बिलियन डॉलर (लगभग 19 लाख करोड़ भारतीय रुपये) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है।

रक्षा खर्च और विदेशी वित्तीय सहायता पर निर्भरता से दोगुना हुआ कर्ज

रूसी एजेंसी TASS ने अपनी विशेष रिपोर्ट में दावा किया है कि यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों की गणना करने पर यह साफ पता चलता है कि साल 2022 के मुकाबले यूक्रेन का राष्ट्रीय कर्ज अब दोगुने से भी अधिक हो चुका है। साल 2022 में युद्ध की शुरुआत के समय यूक्रेन पर कुल 97.96 बिलियन डॉलर का कर्ज था, जो अब बढ़कर 208.97 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है, यानी इसमें कुल 111.01 बिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस विशाल कर्ज में विदेशी सरकारों से लिए गए ऋण और घरेलू स्तर पर जारी किए गए बॉन्ड्स दोनों प्रकार के कर्ज शामिल हैं। लगातार जारी रक्षा खर्चों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

सहयोगी देशों की उधारी के कारण चार साल में तीन गुना बढ़ा विदेशी कर्ज

आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि यूक्रेन के आंतरिक ऋण के मुकाबले उसके विदेशी कर्ज (एक्सटर्नल डेट) में सबसे भयानक और चिंताजनक इजाफा हुआ है। यूक्रेन का विदेशी कर्ज महज कुछ वर्षों के भीतर 57.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर सीधे 162.73 बिलियन डॉलर (यानी 15 लाख करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा) के पार हो गया है, जो कि साल 2022 की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक है। इस विशाल विदेशी कर्ज के विभाजन की बात करें, तो इस कुल रकम में से यूक्रेन को अकेले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund – IMF) का करीब 10 बिलियन डॉलर का पुराना बकाया चुकाना है, जबकि बाकी की विशाल कर्ज राशि यूक्रेन को सैन्य मदद दे रहे अलग-अलग पश्चिमी सहयोगी देशों को वापस करनी होगी।

जनसंख्या के सांख्यिकीय आधार पर हर यूक्रेनी नागरिक पर ₹7 लाख का बोझ

रूसी समाचार एजेंसी के दावों के अनुसार, युद्ध के इस भीषण दौर में यूक्रेन को पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) सहयोगियों से लगातार मिल रही अरबों डॉलर की सीधी सैन्य मदद, हथियारों और वित्तीय अनुदानों (ग्रांट) के बावजूद उसके राष्ट्रीय कर्ज का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। TASS ने यूक्रेन के प्रसिद्ध ‘इंस्टीट्यूट फॉर डेमोग्राफी एंड सोशल स्टडीज’ के सांख्यिकीय आंकड़ों का हवाला देते हुए एक बेहद डरावना दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण विस्थापित हुए लोगों के बाद यूक्रेन की मौजूदा बची हुई करीब 2.8 करोड़ की आबादी के आधार पर यदि गणना की जाए, तो आज के समय में हर एक यूक्रेनी नागरिक पर औसतन करीब 7 हजार 500 डॉलर यानी लगभग 7 लाख 13 हजार 328 भारतीय रुपये का भारी-भरकम सरकारी कर्ज चढ़ चुका है।

मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकाने में यूक्रेन को लग सकते हैं 35 साल

इस चौतरफा बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक दबाव के बीच, यूक्रेन की संसद (सदनीय विधायिका) ‘वेरखोव्ना राडा’ के वरिष्ठ सांसदों और आर्थिक विशेषज्ञों का खुद यह अनुमान है कि उनके देश पर लदे इस मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकता करने में ही कम से कम 35 साल से अधिक का लंबा समय लग सकता है। अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यूक्रेन लगातार पश्चिमी देशों के सामने आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) ने यूक्रेन के लिए 90 बिलियन यूरो के एक नए और विशाल लोन पैकेज की घोषणा की है, जो जल्द ही मिलना शुरू हो जाएगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह कर्ज यूक्रेन की संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनने वाला है।

Read More :  Iran US Historic Deal : शहबाज शरीफ का बड़ा दावा, 24 घंटे में अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक डील संभव