Russia में कुदरत का कहर! 60 साल बाद ऐसी बर्फबारी, कुल्फी की तरह जम गई गगनचुंबी इमारतें

रूस के कामचटका और मॉस्को में 60 साल का रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी हुई है, जिससे इमारतें 'कुल्फी' की तरह जम गई हैं। -40 डिग्री तापमान के बीच हवा में उछालते ही नूडल्स जमने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। आर्कटिक की बर्फीली हवाओं और पोलर वॉर्टेक्स ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढंक दिया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 25, 2026

Russia : रूस इस समय 60 साल की सबसे भीषण बर्फबारी और कड़ाके की ठंड की चपेट में है। आर्कटिक क्षेत्र से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मॉस्को सहित कई प्रमुख शहरों को बर्फ के ढेर में तब्दील कर दिया है। राजधानी मॉस्को में तापमान गिरकर -28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे वहां की सामान्य गतिविधियां पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक ऊंची इमारत की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो भीषण ठंड के कारण किसी ‘कुल्फी’ की तरह जमी हुई दिखाई दे रही है। यह नजारा रूस में जारी शीतलहर की भयावहता को साफ बयां कर रहा है।

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कामचटका में जमी हुई इमारतें और गाड़ियां

रूस के कामचटका प्रायद्वीप में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। यहाँ की भौगोलिक बनावट और पोलर वॉर्टेक्स (Polar Vortex) की कमजोरी के कारण ठंडी हवाएं सीधे रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। कामचटका में ऊंची इमारतें और उनके बाहर खड़ी कारें पूरी तरह से बर्फ के नीचे दब गई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तरी ध्रुव की ठंडी हवाओं के नीचे खिसकने के कारण इस बार ठंड ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। समुद्र के किनारे होने की वजह से ठंडी हवाएं यहाँ बिना किसी रुकावट के पहुंचती हैं, जिससे तापमान पलक झपकते ही शून्य से बहुत नीचे चला जाता है।

कुल्फी की तरह जम गया शहर

आपको बता दे कि, कामचटका का इलाका समुद्र के बेहद करीब और खुला क्षेत्र है, जिसके कारण यहां का मौसम अन्य इलाकों से ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है। जब समुद्र से आने वाली नम हवाएं -30 से -40 डिग्री सेल्सियस के बेहद कम तापमान से टकराती हैं, तो वे तत्काल बर्फ में तब्दील हो जाती हैं। यही कारण है कि यहां हवा में उछाले गए उबलते हुए नूडल्स भी कुछ ही सेकंड्स में पत्थर की तरह जम जाते हैं। इमारतों की दीवारों पर नमी जमने से वे किसी विशाल बर्फ के पुतले जैसी नजर आने लगी हैं, जिन्हें देखकर दुनिया भर के लोग हैरान हैं।

खतरनाक पोलर वॉर्टेक्स और भौगोलिक चुनौतियां

रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में स्थित कामचटका आर्कटिक सर्कल के करीब होने के कारण हमेशा से ही ठंडा रहा है, लेकिन इस साल की सर्दी ने पुराने सभी मानकों को पीछे छोड़ दिया है। ध्रुवीय हवाओं के सीधे संपर्क में आने और समुद्री नमी के मिश्रण ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां इंसान का बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। प्रशासन ने लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है क्योंकि तेज बर्फीली हवाओं के बीच शरीर का तापमान गिरना जानलेवा साबित हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें

इंटरनेट पर वायरल हो रही इन तस्वीरों ने जलवायु परिवर्तन और भीषण प्राकृतिक आपदाओं की ओर ध्यान खींचा है। मॉस्को से लेकर कामचटका तक, पूरी की पूरी गगनचुंबी इमारतें बर्फ की सफेद परतों से ढकी हुई हैं, जो किसी काल्पनिक फिल्म के दृश्य जैसा अहसास कराती हैं। विशेषज्ञ इसे ‘डीप फ्रीज’ की स्थिति कह रहे हैं, जहाँ न केवल पानी बल्कि हवा में मौजूद नमी भी संरचनाओं को कुल्फी की तरह जमा रही है।

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