BC सर्टिफिकेट के लिए बदले नियम, पंजाब में अब माता-पिता की नौकरी और पद भी होगा अहम

चंडीगढ़. पंजाब भवन में बुधवार को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि अब प्रमाणपत्र केवल परिवार की आय के आधार पर नहीं बनेगा। प्रमाणपत्र जारी करते समय माता-पिता की सरकारी नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति, पिछले तीन वर्षों की आय और परिवार की संपत्ति

Wrriten By :

Editor

Published On :

सितम्बर 2, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

चंडीगढ़.

पंजाब भवन में बुधवार को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि अब प्रमाणपत्र केवल परिवार की आय के आधार पर नहीं बनेगा। प्रमाणपत्र जारी करते समय माता-पिता की सरकारी नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति, पिछले तीन वर्षों की आय और परिवार की संपत्ति सहित विभिन्न पहलुओं को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा केंद्रों और पटवारियों को भी पात्रता संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। जल्द ही सभी सेवा केंद्रों के बाहर सूचना पट लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि किन परिस्थितियों में पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है।

अधिक वार्षिक आय वाले परिवार क्रीमी लेयर श्रेणी में 
मंत्री ने बताया कि संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों, उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा निश्चित आय से अधिक वाले परिवारों के बच्चों को प्रमाणपत्र का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़े सरकारी अधिकारियों के बच्चों के साथ-साथ चिकित्सक, अभियंता और अन्य बड़े पेशेवर पदों पर कार्यरत माता-पिता के बच्चों की पात्रता भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी। आठ लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को क्रीमी लेयर  में माना जाएगा। प्रमाणपत्र के लिए परिवार की शहरी और ग्रामीण संपत्ति की स्थिति भी देखी जाएगी।

शादी के बाद भी बदल जाएगा सर्टिफिकेट
उन्होंने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी लड़की की शादी हो जाती है तो उसका पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र उसके विवाह के बाद के परिवार की स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता की सामाजिक स्थिति को देखते हुए बनाया जाएगा। इसी तरह माता-पिता का प्रमाणपत्र पहले से नहीं बना होने का अर्थ यह नहीं है कि बच्चे का प्रमाणपत्र नहीं बन सकता। रिश्तेदार के प्रमाणपत्र के आधार पर भी बच्चे की पात्रता तय नहीं होगी।

391 करोड़ की राशि जारी
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद आशीर्वाद योजना के तहत करीब 76 हजार लाभार्थियों को लाभ दिया गया है और सरकार करीब 391 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी दिया जा रहा है। वर्तमान में बी श्रेणी के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को 20 हजार रुपये का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की गई है। प्रमाणपत्र बनने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

12 यूनिवर्सिटीज में 210 सीटों पर दाखिला
पंजाबी विश्वविद्यालय में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जल्द दो छात्रावास शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के 12 प्रमुख व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रमाणपत्र के आधार पर 210 सीटों पर दाखिला दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि पंजाब के करीब छह हजार विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। नवमीं-दसवीं के विद्यार्थियों को सालाना 75 हजार रुपये और ग्यारहवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों को 1.25 लाख रुपये तक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र धारकों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और दाखिले में 12 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

2