रोपवे, पहाड़ियां और भक्ति का संगम: जयपुर का वैष्णो देवी मंदिर क्यों बन रहा है धार्मिक पर्यटन की पहचान

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर सिर्फ ऐतिहासिक किलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। जयपुर के पूर्वी हिस्से में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित वैष्णो देवी माता मंदिर आज न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि आसपास मौजूद खोले के हनुमान मंदिर और आधुनिक रोपवे सुविधा के चलते यह पूरा क्षेत्र एक समग्र धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। पहाड़ियों में बसा वैष्णो देवी माता मंदिर जयपुर का वैष्णो देवी माता मंदिर जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 26, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर सिर्फ ऐतिहासिक किलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। जयपुर के पूर्वी हिस्से में अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित वैष्णो देवी माता मंदिर आज न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि आसपास मौजूद खोले के हनुमान मंदिर और आधुनिक रोपवे सुविधा के चलते यह पूरा क्षेत्र एक समग्र धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।

पहाड़ियों में बसा वैष्णो देवी माता मंदिर
जयपुर का वैष्णो देवी माता मंदिर जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम से प्रेरित माना जाता है। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। यहां माता वैष्णो देवी के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं की गुफा रूपी प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो श्रद्धालुओं को उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थों की अनुभूति कराती हैं। नवरात्र, नववर्ष और विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जयपुर के प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर परिसर में पहाड़ी की चोटी पर स्थित प्राचीन माता वैष्णो देवी मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी अपनी मनोकामनाएं लिए माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

रोपवे: श्रद्धा और सुविधा का आधुनिक संगम
इस धार्मिक क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत है यहां संचालित रोपवे सेवा, जिसने पर्यटन के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। रोपवे के जरिए श्रद्धालु और पर्यटक कम समय में पहाड़ी तक पहुंच सकते हैं। जैसे-जैसे रोपवे ऊपर चढ़ता है, अरावली की हरियाली, घाटियां और जयपुर शहर का विहंगम दृश्य मन को मोह लेता है। यह सुविधा बुजुर्गों, बच्चों और दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बन गई है। यही कारण है कि रोपवे ने इस पूरे क्षेत्र को पारंपरिक तीर्थ से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक पर्यटन स्थल का रूप दे दिया है।

45 मिनट की जगह 5 मिनट का समय
श्री नरवर आश्रम सेवा समिति खोल के हनुमान जी प्रन्यास के महामंत्री बृजमोहन शर्मा के मुताबिक खोल के हनुमान जी मंदिर परिसर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्रों के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। रोपवे की शुरुआत होने से भक्तों और पर्यटकों को काफी सुविधा मिल रही है. श्रद्धालु सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर खोले के हनुमान जी मंदिर की पहाड़ियों पर बने माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करते हैं. सीढ़ियों से करीब 45 मिनट का समय लगता है, लेकिन अब रोपवे के जरिए केवल 5 मिनट में माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंच सकते हैं।

खोले के हनुमान: आस्था का प्राचीन केंद्र
वैष्णो देवी माता मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित खोले के हनुमान मंदिर जयपुर के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। मान्यता है कि यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी। हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु खोले के हनुमान के दर्शन के बाद वैष्णो देवी माता मंदिर तक की यात्रा करते हैं, जिससे यह पूरा इलाका एक धार्मिक परिक्रमा मार्ग जैसा अनुभव देता है।

पर्यटन की नजर से बढ़ता आकर्षण
बीते कुछ वर्षों में यह क्षेत्र केवल स्थानीय श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहा। देश के अन्य राज्यों और विदेशी पर्यटक भी अब जयपुर के इस धार्मिक सर्किट को अपनी यात्रा सूची में शामिल कर रहे हैं। मंदिर परिसर, पहाड़ी वातावरण, रोपवे की रोमांचक यात्रा और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर रही है। सुबह की आरती से लेकर शाम की आराधना तक, यहां का माहौल पर्यटकों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।

जयपुर के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान
खोले के हनुमान, वैष्णो देवी माता मंदिर और रोपवे—तीनों मिलकर जयपुर को एक नया धार्मिक पर्यटन चेहरा दे रहे हैं। आमेर किला, सिटी पैलेस और हवा महल देखने आने वाले पर्यटक अब इस क्षेत्र को भी अपनी यात्रा में शामिल कर रहे हैं। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय रोजगार और आसपास के इलाकों के विकास को भी गति मिल रही है।
कुल मिलाकर, जयपुर का वैष्णो देवी माता मंदिर और खोले के हनुमान क्षेत्र आज आस्था, प्रकृति और आधुनिक सुविधाओं का ऐसा संगम बन चुका है, जो श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

Leave a Comment

2