पंजाब रोडवेज की बसों पर लगेगा ब्रेक! 16 नवंबर से कर्मचारियों की हड़ताल

जालंधर. पनबस-पी.आर.टी.सी. के ठेका कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने के चलते एक बार फिर राज्य में सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका बन गई है। पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की राज्य स्तरीय बैठक में कर्मचारियों ने 16 नवम्बर से 3 दिवसीय हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान भी सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन मुकम्मल हड़ताल शुरू कर देंगे। इससे पहले 21 अक्तूबर से यूनियन की ओर से हड़ताल शुरू की गई थी। इस दौरान करीब 7,500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे

Wrriten By :

Editor

Published On :

नवम्बर 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

जालंधर.

पनबस-पी.आर.टी.सी. के ठेका कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने के चलते एक बार फिर राज्य में सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका बन गई है। पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की राज्य स्तरीय बैठक में कर्मचारियों ने 16 नवम्बर से 3 दिवसीय हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है।

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान भी सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन मुकम्मल हड़ताल शुरू कर देंगे। इससे पहले 21 अक्तूबर से यूनियन की ओर से हड़ताल शुरू की गई थी। इस दौरान करीब 7,500 कर्मचारी हड़ताल पर रहे और लगभग 3,000 बसों का संचालन बंद हो गया था। वक्ताओं ने कहा कि 24 अक्तूबर को प्रबंधन की ओर से 29 अक्तूबर तक मांगें पूरी करने का भरोसा दिए जाने के बाद यूनियन ने हड़ताल स्थगित कर दी थी। लेकिन तय समय-सीमा बीतने के बावजूद मांगों पर कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में फिर रोष बढ़ गया है। आज हुई राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न डिपुओं के प्रतिनिधियों ने लंबे समय से लंबित मांगों और सरकार की ओर से किए गए वायदों को लागू न किए जाने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद यूनियन ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का कार्यक्रम घोषित किया।

यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल, महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, कमल कुमार ने कहा कि ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पनबस के सर्विस रूल्स कैबिनेट की बैठक में पास करवाने का भरोसा दिया गया था। इसके अलावा आऊटसोर्स कर्मचारियों को 14 अगस्त के बिल/एक्ट के अनुसार ठेके पर लाने के लिए दो दिन का समय मांगा गया था, लेकिन इस संबंध में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। संघर्ष के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकद्दमे रद्द करने और नई भर्ती के कर्मचारियों को ठेका व्यवस्था में शामिल करने के मामले पर दूसरी कमेटी के माध्यम से विचार करने का आश्वासन भी दिया गया था। जगजीत सिंह लिबड़ा, रोही राम और जोध सिंह ने कहा कि बैठकों में भरोसा देकर मांगों को लागू न करना कर्मचारियों के साथ धोखा है।

यूनियन की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 5 नवम्बर से रोष प्रदर्शन शुरू होंगे। वहीं, 8 नवम्बर के बाद पंजाब सरकार की राजनीतिक रैलियों का विरोध किया जाएगा, जबकि 10 नवम्बर को प्रदेश के सभी डिपुओं के बाहर गेट रैलियां कर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 16 नवम्बर से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होगी। बैठक में भगत सिंह, हरप्रीत सिंह सोढ़ी, प्रदीप कुमार, गुरप्रीत सिंह, सुलखण सिंह, जतिंदर सिंह, रणजीत सिंह, वजीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, सनी, हरविंदर सिंह, सुखपाल सिंह, गुरबाज सिंह, भुल्लर (बठिंडा) और रिकू (पठानकोट) सहित विभिन्न डिपो कमेटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संघर्ष के दौरान दर्ज मुकद्दमे रद्द किए जाएं
यूनियन के प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान हरकेश कुमार विक्की, बलजिंदर सिंह और जलोर सिंह ने कहा कि कर्मचारी अब सरकार के आश्वासनों के भरोसे नहीं रहेंगे। उन्होंने मांग की कि आऊटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर लाने के आदेश जारी किए जाएं, पनबस के सर्विस रूल्स कैबिनेट से पास करवाकर ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता साफ किया जाए और संघर्ष के दौरान दर्ज मुकद्दमे रद्द किए जाएं।उन्होंने कहा कि तय कार्यक्रम से पहले मांगों का समाधान न होने पर संघर्ष और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और परिवहन विभाग के प्रबंधन की होगी।

2