Rohini Acharya on PM Modi Video: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी करते हुए यह कहा गया था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले बच्चों को माफ कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री लगातार वीडियो संदेशों के जरिए अपनी बात जनता के सामने रख रहे हैं। इसी क्रम में आए उनके इस माफी वाले वीडियो पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेत्री रोहिणी आचार्य ने तीखा तंज कसते हुए कड़ा प्रहार किया है।
रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया हमला
शनिवार (01 अगस्त) के दिन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा किए। अपने एक पोस्ट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री का यह अंदाज एक घिसा-पिटा राग है, जिसमें केवल घड़ियाली आंसू और विक्टिम कार्ड नजर आते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए यहां तक कह डाला कि जरूर प्रधानमंत्री मोदी अपने शुरुआती जीवन में किसी नाटक-ड्रामा मंडली से जुड़े रहे होंगे।
हास्यास्पद पटकथा और विक्टिम कार्ड
प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा कि वे पहले खुद ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देते हैं या हालात पैदा करते हैं और फिर अपने गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए कैमरे के सामने घड़ियाली आंसू बहाकर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम खुद को एक पीड़ित के रूप में देश की जनता के सामने पेश करने का प्रयास करते हैं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि मोदी जी पहले खुद ही एक हास्यास्पद पटकथा लिखते हैं और फिर सोशल मीडिया पर आकर पीड़ित होने का नाटक करते हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अब उनके पास भावनात्मक अभिनय करने के अलावा कहने या करने के लिए कुछ नहीं बचा है।
बच्चे माफी नहीं मांग रहे, फिर भी…
अपने एक अन्य ‘एक्स’ पोस्ट में भी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना या सीधा जिक्र करते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि जब देश के बच्चे प्रधानमंत्री से किसी प्रकार की माफी मांग ही नहीं रहे हैं, तब भी पीएम खुद को बड़ा दिल वाला दिखाने और साबित करने की जुगत में पूरी तरह जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि माफी की यह सारी बेतुकी बातें केवल इसलिए की जा रही हैं ताकि जबरन अपना चेहरा चमकाया जा सके।
प्रदर्शन और दमन के गंभीर आरोप
विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए रोहिणी आचार्य ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री जी, असल मायनों में माफी तो आपको देश के बच्चों से मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों और बच्चों के ऊपर पैलेट गन से हमले करवाए, उन पर गोलियां चलवाईं, और निर्दोष बच्चों पर निर्ममता के साथ लाठियां बरसाईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी बच्चों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, उन्हें जबरन जेलों में भिजवाया गया, फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए और अपने समर्थकों से उन्हें देशद्रोही तथा आतंकवादी तक कहलवाया गया।










